Jaipur: पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) की जनसंघर्ष पदयात्रा के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट का हमला तेज हो गया है। विधायक हो या मंत्री सब अपने अपने तरीके से सवाल पूछ रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गढ़ में पहली बार सचिन पायलट पर गहलोत समर्थक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीधा हमला किया है। शहर के प्रमुख स्थानों पर पोस्टर लगाए गए। इसमें सचिन पायलट और केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के चेहरे साथ लगाए गए हैं और लिखा गया कि संजीवनी घोटाले पर चुप क्यूं हो पायलटजी, जनता जवाब मांगती है।
पोस्टर उतार कर फिर लगा दिया गया
पोस्टर लगने की जानकारी मिलते ही सर्किट हाउस में राठौड़ के पहुंचने से पहले जिला संगठन सक्रिय हो गया। जिलाध्यक्ष सलीम खान और नरेश जोशी ने मंत्रणा की। इसके बाद रातानाड़ा में लगा पोस्टर कांग्रेस के प्रवक्ता भाकरराम और पार्षद ललित गहलोत ने उतार लिया लेकिन कुछ देर बाद वापस लगा दिया गया। जबकि जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के बाहर पोस्टर उतारा ही नहीं गया।
गहलोत गुट ने लगाए पोस्टर
पोस्टर पर जिला (Sachin Pilot) उत्तर के संगठन मंत्री कुश गहलोत की भी फोटो है। गहलोत ने इस बारे में कहा कि हमने पोस्टर से यह बताने की कोशिश की है कि यह भी एक मुद्दा है। पोस्टर लगाने को लेकर कोई नोटिस मिलेगा तो जवाब देंगे। जोधपुर जिला उत्तर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सलीम खान ने बताया कि पोस्टर लगाने की बात जानकारी में आई है। अभी तक इस मामले में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
सचिन पायलट ने की जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों से मुलाकात
राजस्थान की राजनीति में उबाल पैदा करने के बाद पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पहुंच कर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों का समर्थन किया। उन्होंने कहा मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अगर पहलवान ही तकलीफ में हैं तो देश कभी भी खुश नहीं हो सकता है। इससे पहले पहलवानों के शोषण को लेकर तमाम नेता समर्थन में आ चुके हैं।
पहलवानों के समर्थन में उतरे पायलट
इससे पहले सचिन पायलट ने 28 अप्रैल (Sachin Pilot) को कहा था कि जिन खिलाड़ियों ने देश के लिए मेडल जीते, आज उनको न्याय के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है। उनकी आंखों में आंसू, हम सभी के लिए शर्म की बात है। पहलवानों का शुक्रवार को 27वां दिन है। इसी बीच खाप ने चेतावनी दे रखी है कि अगर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी दो दिन में नहीं हुई तो 21 मई के बाद यह धरना बड़ें आंदोलन में बदल जाएगा।
Comments (0)