मोबाइल, ई-मेल और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच हाथ से चिट्ठी लिखने की परंपरा धीरे-धीरे कम होती जा रही है। इसी पुरानी परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग की ओर से ‘ढाई आखर’ राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। भारतीय डाक विभाग ने 2026-27 के लिए भी इस प्रतियोगिता की मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है।
चिट्ठी के जरिए व्यक्त करें अपने विचार
‘ढाई आखर’ प्रतियोगिता का उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं और नई पीढ़ी में पत्र लेखन की रुचि को बढ़ावा देना है। इसके जरिए प्रतिभागियों को अपनी भावनाओं, विचारों और रचनात्मकता को शब्दों के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर मिलता है। साथ ही, डाक सेवा और चिट्ठी लेखन की परंपरा से युवा पीढ़ी को जोड़ना भी इस पहल का अहम उद्देश्य है।
दो आयु वर्गों में प्रतियोगिता
प्रतियोगिता में उम्र के आधार पर दो प्रमुख वर्ग रखे जाते हैं—18 वर्ष तक और 18 वर्ष से अधिक। दोनों आयु वर्गों में Inland Letter Card और Envelope Category के तहत प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं।
कई भाषाओं में लिख सकेंगे पत्र
प्रतियोगिता में प्रतिभागी हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी भारतीय क्षेत्रीय भाषा में पत्र लिख सकते हैं। Inland Letter Card श्रेणी में निर्धारित शब्द सीमा के भीतर पत्र लिखना होता है, जबकि Envelope Category में A4 शीट पर पत्र लिखा जाता है। प्रतियोगिता की एक खास शर्त यह है कि पत्र हाथ से लिखा हुआ होना चाहिए।
राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक पुरस्कार
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को सर्किल स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। सर्किल स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः 25 हजार, 10 हजार और 5 हजार रुपये हैं। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 25 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये रखा गया है।
डिजिटल दौर में चिट्ठी की वापसी
तेजी से बदलते डिजिटल संचार के दौर में ‘ढाई आखर’ प्रतियोगिता हाथ से लिखी चिट्ठियों से जुड़ी भावनात्मक विरासत को फिर से सामने लाने की कोशिश है। यह सिर्फ पुरस्कार जीतने का मंच नहीं, बल्कि अपनी सोच, भावनाओं और लेखन क्षमता को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर भी है।