लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर एबीपी न्यूज़ के साथ सी वोटर (C Voter) ने बिहार में ओपिनियन पोल किया है। बिहार को लेकर कराए गए ओपिनियन पोल में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए और विपक्षी दलों की इंडिया गठबंधन दोनों के लिए टेंशन बढ़ाने वाली है। दरअसल, ओपिनियन पोल में इंडिया गठबंधन और एनडीए दोनों को इतनी सीटें मिलती दिख रही है कि वह दोनों को शायद ही पसंद आए। दोनों गठबंधन बिहार से काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं। ऐसे में ओपिनियन पोल के नतीजे दोनों गठबंधन के लिए उत्साहवर्धक नहीं हैं।
इंडिया गठबंधन को उम्मीद से कम बढ़त
एबीपी न्यूज़ के साथ सी वोटर के ओपिनियन पोल के रिजल्ट में कहा गया है कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए गठबंधन को 16 से 18 सीटें मिल सकती हैं। ओपनियिन पोल के नतीजों में दावा किया गया है कि जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों को मिलाकर बने इंडिया गठबंधन को 21 से 23 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं अन्य के खाते में शून्य से 2 सीटें जाने का अनुमान जताया गया है
बिहार में वोट प्रतिशत में इंडिया और एनडीए में कौन कहा
एबीपी न्यूज़ के साथ सी वोटर के ओपिनियन पोल में अनुमान लगाया गया है कि बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए को बिहार में 39 फीसदी वोट मिल सकते हैं। वहीं लालू-नीतीश और राहुल गांधी की अगुवाई वाली इंडिया गठबंधन को 43 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं अन्य को 18 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। इस तरह देखें तो इंडिया गठबंधन को एनडीए से 4 फीसदी ज्यादा वोट मिलते हुए दिख रहे हैं।
किस गठबंधन में कौन-कौन से राजनीतिक दल शामिल
बिहार में एनडीए गठबंधन की बात करें तो इसमें सबसे बड़ा दल बीजेपी है। जबकि इनके साथ फिलहाल पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा, चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास), केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की लोकजनशक्ति पार्टी (पारस गुट) पूरी तरह से साथ दिख रहे हैं। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का भी एनडीए के साथ होने का अनुमान है। मुकेश सहनी की वीआईपी को भी एनडीए में लाने का प्रयास है। वहीं इंडिया गठबंधन में बिहार में सत्ताधारी नीतीश कुमार जेडीयू, लालू प्रसाद यादव की आरजेडी, कांग्रेस और तमाम वाम दल शामिल हैं।
बीजेपी को क्यों टेंशन में डाल रहा ओपिनियन पोल
2019 के चुनाव में जब बीजेपी नीतीश कुमार की जेडीयू और रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को साथ लेकर चुनाव में उतरी थी तो इस गठबंधन में बिहार की 40 में से 39 लोकसभा सीटें जीती थी। वहीं इस बार के ओपिनियन पोल में 16 से 18 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इस तरह देखें तो एनडीए गठबंधन को सीधे-सीधे करीब 21 से 23 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है। इतनी सीटों का नुकसान लोकसभा में बहुमत के नंबर 272 पर प्रभाव दिखा सकता है।
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