भारतीय वायुसेना के एलसीए तेजस लड़ाकू विमान को लेकर हाल ही में चली क्रैश की खबरों ने काफी हलचल पैदा कर दी थी। इसी बीच हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। कंपनी के अनुसार लैंडिंग के दौरान रनवे पर मामूली तकनीकी समस्या आई थी, जिसे कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बढ़ा-चढ़ाकर ‘क्रैश’ बताया गया।
लैंडिंग के दौरान आई थी मामूली तकनीकी दिक्कत
HAL द्वारा जारी बयान के अनुसार तेजस विमान के साथ लैंडिंग के समय हल्की तकनीकी गड़बड़ी हुई थी, जिसे मानक प्रक्रिया के तहत तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। कंपनी ने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं को क्रैश जैसा बताना भ्रामक है और तथ्यात्मक रूप से भी सही नहीं है। HAL के अनुसार यह घटना किसी भी प्रकार की दुर्घटना की श्रेणी में नहीं आती।
सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी
सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि 7 फरवरी को पाकिस्तान सीमा से सटे एक फॉरवर्ड एयरबेस पर तेजस जेट प्रशिक्षण उड़ान के बाद क्रैश हो गया और पायलट ने इजेक्ट कर जान बचाई। HAL ने इन सभी दावों का खंडन करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी हादसा नहीं हुआ है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि गलत रिपोर्टिंग से भ्रम फैलता है और इसे तथ्यात्मक जानकारी से दूर रखने की जरूरत है।
तेजस का मजबूत सुरक्षा रिकॉर्ड
HAL ने कहा कि एलसीए तेजस उन्नत तकनीक वाला अत्यंत विश्वसनीय हल्का लड़ाकू विमान है और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड संतोषजनक रहा है। वर्तमान तकनीकी गड़बड़ी की समीक्षा भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे स्थितियों को और बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सके। कंपनी ने भरोसा जताया कि तेजस की क्षमता और विश्वसनीयता पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं है।
पिछले दो वर्षों की प्रमुख घटनाए
हालांकि पिछले दो वर्षों में तेजस से जुड़े दो अलग-अलग हादसे दर्ज किए गए हैं। मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें पायलट सुरक्षित बाहर निकल आया था। वहीं 2025 में दुबई एयर शो के दौरान एक हादसा हुआ था, जिसमें पायलट की मृत्यु हुई। उस घटना की जांच अब भी जारी है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के बेड़े में 38 तेजस विमान शामिल हैं और लगभग 80 विमानों का निर्माण जारी है।
वायुसेना के बेड़े में तेजी से शामिल हो रहा है तेजस
भारतीय वायुसेना ने कुल 180 तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है, जिनकी आपूर्ति फिलहाल तय समय से कुछ विलंबित बताई जा रही है। HAL के अनुसार दस नए विमान डिलीवरी के लिए तैयार हैं, जो आने वाले महीनों में वायुसेना की ताकत और बढ़ाएंगे।
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