नई दिल्ली. देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट लेना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून की बढ़ती रफ्तार का संयुक्त प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसके चलते उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बदलाव केवल अस्थायी राहत नहीं देगा, बल्कि कई क्षेत्रों में तापमान को भी उल्लेखनीय रूप से नीचे ला सकता है।
13 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, केरल और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। कई स्थानों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों तथा खुले स्थानों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
मॉनसून की रफ्तार ने बढ़ाई उम्मीदें
दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून अपनी सामान्य प्रगति के अनुरूप आगे बढ़ रहा है और मौसम विभाग के अनुसार इसकी उत्तरी सीमा निर्धारित क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान मॉनसून के दक्षिण-पश्चिम तथा दक्षिण-पूर्व अरब सागर, बंगाल की खाड़ी के विस्तृत हिस्सों और अंडमान सागर के शेष क्षेत्रों में और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की यह सक्रियता पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी राज्यों में वर्षा की तीव्रता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में आगामी दिनों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं केरल और तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। तटीय इलाकों में समुद्री गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है, जिसके चलते मछुआरों और समुद्री यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लगातार वर्षा से कुछ स्थानों पर जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।
दिल्ली को मिलेगी गर्मी से राहत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फिलहाल गर्म और शुष्क मौसम का प्रभाव बना रह सकता है, हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में स्थिति बदलने के संकेत दिए हैं। 28 मई से राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। 29 मई को भी वर्षा की गतिविधियां जारी रहने के अनुमान हैं, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में आंधी और ओलावृष्टि की आशंका
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर और आसपास के जिलों में 28 से 31 मई के बीच गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना जताई गई है। 29 मई को कुछ क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है तथा ओलावृष्टि की भी आशंका है। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
तापमान में आएगी गिरावट, लू से मिलेगी राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और वर्षा गतिविधियों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले कुछ दिनों से लू और अत्यधिक गर्मी का सामना कर रहे राज्यों को इससे राहत मिलने की संभावना है। कई स्थानों पर दिन के अधिकतम तापमान में दो से छह डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की जा सकती है, जिससे जनजीवन अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
किसानों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण समय
मौसम में यह बदलाव कृषि गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां वर्षा से फसलों और मिट्टी की नमी को लाभ मिल सकता है, वहीं तेज हवाएं और ओलावृष्टि कुछ क्षेत्रों में नुकसान का कारण भी बन सकती हैं। इसलिए कृषि विशेषज्ञ किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। आम नागरिकों को भी बिजली गिरने, तेज हवाओं और जलभराव की संभावित स्थितियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
बदलते मौसम के बीच सावधानी है जरूरी
मौसम का यह बदलाव गर्मी से राहत लेकर आ सकता है, लेकिन इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हुए हैं। तेज हवाएं, आंधी, बिजली गिरने और भारी वर्षा जैसी परिस्थितियां जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में प्रशासनिक सलाहों का पालन करना और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का यह बदला हुआ रूप लोगों को गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन सतर्कता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी रहेगा।