नई दिल्ली - केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लंदन में हुए एक विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के झंडों के साथ कांग्रेस के झंडे भी दिखाई दिए। रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि भारत-विरोधी ताकतें देश को कमजोर नहीं कर सकतीं। उनके बयान के बाद इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
लंदन प्रदर्शन का वीडियो साझा कर लगाए आरोप
किरेन रिजिजू ने सोमवार को साझा किए गए वीडियो के आधार पर दावा किया कि लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर के पास हुए प्रदर्शन में कई लोग तिरंगा लेकर मौजूद थे। वीडियो में कुछ लोगों के हाथों में पाकिस्तान और पीओके के झंडे भी दिखाई देने का दावा किया गया। रिजिजू की पोस्ट में वीडियो के अंतिम हिस्से में कांग्रेस के झंडे भी नजर आने की बात कही गई है।
केंद्रीय मंत्री ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या इस तरह के जमावड़े से देशभक्त भारतीयों को डराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत कभी नहीं झुकेगा और भारत-विरोधी ताकतें देश को तोड़ने में सफल नहीं होंगी। हालांकि, प्रदर्शन के आयोजकों, उसमें शामिल समूहों और झंडों के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि के बिना पूरे घटनाक्रम के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
‘रिजीम चेंज’ टिप्पणी पर भी रिजिजू का पलटवार
लंदन प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देने से पहले रिजिजू ने वकील प्रशांत भूषण की ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन संबंधी टिप्पणी पर भी सवाल उठाए थे। रविवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष भारत-विरोधी ताकतों और देश की रक्षा में विश्वास रखने वाले भारतीयों के बीच है।
प्रशांत भूषण के वर्ष 2011 के बयान और हालिया टिप्पणी साझा करते हुए रिजिजू ने राजनीतिक विरोध को लेकर कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने इसे संविधान में विश्वास रखने वालों और अराजकतावादियों के बीच की लड़ाई बताया। यह केंद्रीय मंत्री की राजनीतिक प्रतिक्रिया है; बयान में लगाए गए आरोपों का आकलन संबंधित संदर्भ और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
बांग्लादेश और फ्रांस की घटनाओं से की तुलना
रिजिजू ने अपनी एक अन्य पोस्ट में बांग्लादेश की हिंसक घटनाओं और फ्रांस में हुए दंगों, आगजनी तथा लूटपाट का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह की स्थिति भारत में पैदा करने की साजिश रची गई थी और कुछ राजनीतिक नेताओं ने युवाओं को भड़काने की कोशिश की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की परिस्थितियां बांग्लादेश और फ्रांस से अलग हैं। हालांकि, भारत में ऐसी किसी साजिश की मौजूदगी को लेकर उनके दावे की पुष्टि के लिए स्वतंत्र और ठोस प्रमाण आवश्यक होंगे।
चुनाव के जरिए सत्ता परिवर्तन पर जोर
किरेन रिजिजू ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन संभव है, लेकिन यह लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए होना चाहिए, न कि जॉर्ज सोरोस के माध्यम से। यह टिप्पणी देश में राजनीतिक बदलाव, विदेशी प्रभाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर जारी बहस के संदर्भ में आई है।
रिजिजू के बयानों ने कांग्रेस, प्रशांत भूषण और भारत-विरोधी गतिविधियों से जुड़े आरोपों को राजनीतिक चर्चा में ला दिया है। पूरे मामले को समझने के लिए लंदन प्रदर्शन के वीडियो का संदर्भ, संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं और लगाए गए आरोपों के समर्थन में उपलब्ध प्रमाण महत्वपूर्ण होंगे।