पश्चिम बंगाल। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में महासप्तमी की शाम हुई भगदड़ के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की कवायद शुरू कर दी है। हादसे की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय हाई लेवल कमेटी ने कोलकाता के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले दुर्गा पूजा पंडालों का औचक निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट शुरू किया है। इस दौरान प्रवेश और निकास द्वारों, आपातकालीन रास्तों, सीसीटीवी कैमरों और रोशनी की व्यवस्था की जांच की जा रही है।
संतोष मित्रा स्क्वायर से शुरू हुआ निरीक्षण
समिति ने निरीक्षण अभियान की शुरुआत सियालदह स्टेशन के पास स्थित प्रसिद्ध संतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गा पूजा पंडाल से की। दी गई जानकारी के अनुसार, समिति में तीन अधिकारी शामिल हैं:
- राजेश कुमार सिंह, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग
- अनुज शर्मा, महानिदेशक, अग्निशमन सेवा
- जावेद शमीम, डीजीपी, स्पेशल टास्क फोर्स
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंडालों के प्रवेश और निकास द्वारों, आपातकालीन निकासी मार्गों, सीसीटीवी निगरानी और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था का जायजा लिया।
प्रवेश और निकास द्वारों के पास से हटेंगे स्टॉल
निरीक्षण के बाद अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा ने बताया कि पूजा आयोजक सुरक्षा नियमों के पालन में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए कुछ अहम निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार, पूजा पंडालों के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों के आसपास लगने वाली खाने-पीने की दुकानों और अन्य स्टॉल को हटाया जाएगा। इससे भीड़ के आवागमन में बाधा कम करने और आपातकालीन स्थिति में रास्ते खुले रखने में मदद मिलेगी।
VIP एंट्री गेट अब इमरजेंसी एग्जिट बनेंगे
समिति ने पूजा पंडालों में VIP के लिए अलग विशेष प्रवेश द्वार रखने के बजाय ऐसे द्वारों को अतिरिक्त आपातकालीन निकास के रूप में इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य भीड़ के दबाव को कम करना और जरूरत पड़ने पर लोगों को बाहर निकलने के लिए अतिरिक्त रास्ता उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, निकास द्वारों को अधिक चौड़ा करने, रस्सियों से बनाए गए अव्यवस्थित घेरों को हटाने और पंडालों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
भगदड़ जैसी घटनाएं रोकने पर जोर
चोरबागान पंडाल में हुई भगदड़ के बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण अभियान के जरिए आयोजकों और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों का आकलन किया जा रहा है, ताकि भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के प्रभावी पालन और पंडालों में सुरक्षा मानकों की निगरानी आने वाले दिनों में अहम रहेगी।