नई दिल्ली. भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम इस समय दो विपरीत लेकिन खतरनाक रूपों में दिखाई दे रहा है। एक ओर उत्तर भारत और मध्य भारत के कई राज्य भीषण लू की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का खतरा तेजी से बढ़ गया है। भारतीय मौसम विभाग ने कई राज्यों में 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और अत्यधिक वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश में मौसम का यह असामान्य स्वरूप बना रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में तपती धूप और लू जैसे हालात
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे जुड़े क्षेत्रों में गर्मी लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मई को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दोपहर के समय गर्म हवाओं और लू जैसी परिस्थितियों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि शाम के समय हल्के बादल छाने से कुछ इलाकों में मामूली राहत मिलने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि 17 मई के बाद राजधानी क्षेत्र में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में उमस ने बढ़ाई मुश्किलें
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मौसम लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि चुनौती बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां सूखी और तपती हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं, वहीं पूर्वी क्षेत्रों में उमस ने हालात और कठिन बना दिए हैं। बिहार की राजधानी पटना और गया में भी भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है और तापमान 41 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने शाम के समय कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी चलने की चेतावनी भी जारी की है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में ऑरेंज अलर्ट से बढ़ी सतर्कता
मध्य प्रदेश और राजस्थान में गर्मी ने नया रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश के खजुराहो में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का अनुमान लगाया गया है। इंदौर, उज्जैन और रतलाम जैसे शहरों में गर्मी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी और ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है, जिससे मौसम अचानक करवट ले सकता है। राजस्थान के फलौदी और जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्रों में पारा लगातार 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। हालांकि जयपुर और बीकानेर के आसपास हल्की बूंदाबांदी की संभावना के कारण तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हो सकती है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश ने बदला मौसम का मिजाज
देश के दक्षिणी राज्यों में मौसम ने बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की है। बंगाल की खाड़ी में बने दबाव क्षेत्र के प्रभाव से तमिलनाडु के नीलगिरि, कोयंबटूर और आसपास के जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 19 मई तक लगातार वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश दक्षिण भारत में गर्मी से राहत तो देगी, लेकिन अत्यधिक वर्षा कई स्थानों पर परेशानी भी खड़ी कर सकती है।
पहाड़ी राज्यों में बदला मौसम का रंग
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मौसम में भी विविधता देखने को मिल रही है। देहरादून और हल्द्वानी जैसे मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने से लोगों को गर्मी महसूस हो रही है, जबकि शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर मौसम सुहावना बना हुआ है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जिससे पर्यटकों को राहतभरा वातावरण मिल सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम बदलने की संभावना बनी रहेगी, इसलिए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने देशभर के लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। भीषण गर्मी वाले क्षेत्रों में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। वहीं भारी बारिश और तेज हवाओं वाले क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। मौसम के इस दोहरे खतरे ने फिलहाल पूरे देश में चिंता और सतर्कता दोनों बढ़ा दी हैं।