नई दिल्ली। देश की राजनीति इस समय बेहद गरमाई हुई है और इसी बीच केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने विपक्षी दलों पर बड़ा और सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। रिजिजू का यह बयान ऐसे वक्त पर सामने आया है जब Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल में चुनावी गड़बड़ियों के चलते कई जगहों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया है, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है।
विपक्ष पर गंभीर आरोप
केंद्रीय मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि विपक्ष ने सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि हर उस व्यवस्था पर सवाल उठाया है जिस पर देश की लोकतांत्रिक संरचना टिकी हुई है। उन्होंने कहा कि ईवीएम से लेकर चुनाव आयोग, मीडिया और अब न्यायपालिका तक—लगातार अविश्वास जताना एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। उनके मुताबिक यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है, जिससे जनता के भरोसे को कमजोर किया जाए। रिजिजू ने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र में असहमति जरूरी है, लेकिन संस्थाओं पर लगातार हमला करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
जनता देगी जवाब—रिजिजू की चेतावनी
रिजिजू ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश की जनता सब देख रही है और समय आने पर वह इसका जवाब जरूर देगी। उन्होंने विपक्ष को आगाह करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है और जनता ही तय करेगी कि कौन सही है और कौन गलत। उनका कहना था कि राजनीतिक लाभ के लिए देश की संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना लंबे समय में देश के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
बंगाल चुनाव से जुड़ा पूरा विवाद
इस पूरे सियासी टकराव के पीछे पश्चिम बंगाल का चुनावी माहौल भी एक बड़ी वजह बनकर सामने आया है। चुनाव के दौरान कई जगहों पर गड़बड़ियों और हिंसा की खबरें आईं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए कुछ इलाकों में पुनर्मतदान का आदेश दिया। खासतौर पर दक्षिण 24 परगना के फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 बूथों पर दोबारा वोटिंग कराने का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले डायमंड हार्बर और मगराहाट के कुछ बूथों पर भी पुनर्मतदान कराया जा चुका है।
भाजपा की शिकायतें और आरोप
भाजपा नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया और बाहरी लोगों की भूमिका भी संदिग्ध रही। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के चुनाव अधिकारियों से मुलाकात कर इन मुद्दों को उठाया और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं, विपक्षी दल लगातार इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं, जिससे सियासी माहौल और ज्यादा गरमा गया है।