कोलकाता: महानगर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या को नियंत्रित करने के लिए कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम ने अवैध पार्किंग के खिलाफ संयुक्त अभियान तेज कर दिया है। पिछले 48 घंटों के आंकड़ों में सामने आया है कि शहर में दर्ज कुल अवैध पार्किंग मामलों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा केवल डालहौजी-एस्प्लेनेड, सियालदह और भवानीपुर क्षेत्रों से सामने आया है।पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को पूरे शहर में अवैध पार्किंग के कुल 1,156 मामले दर्ज किए गए। प्रशासन का मानना है कि अनियंत्रित पार्किंग महानगर में ट्रैफिक जाम की सबसे बड़ी वजहों में से एक बन चुकी है।
लालबाजार में हुई उच्च स्तरीय बैठक
लालबाजार में वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रैफिक ओसी और एसी के साथ बैठक कर साफ निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में अवैध पार्किंग के कारण यातायात बाधित नहीं होना चाहिए। अधिकारियों ने उन छोटी सड़कों की सूची मांगी है जहां अभी ‘टू-वे पार्किंग’ की अनुमति दी गई है, क्योंकि पुलिस इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की योजना बना रही है।
CCTV से होगी 24 घंटे निगरानी
अब शहर के पार्किंग क्षेत्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। पुलिस द्वारा Free School Street, Camac Street, डालहौजी और बड़ाबाजार जैसे इलाकों में दिन में कई बार औचक निरीक्षण किया जाएगा। केएमसी के सहयोग से पार्किंग जोन को प्रमुखता से चिह्नित किया जाएगा ताकि नियम तोड़ने वालों को तुरंत अपनी गलती का पता चल सके।
निवासियों को नहीं किया जाएगा परेशान
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक निवासियों को परेशान नहीं किया जाएगा, खासकर उन इलाकों में जहां निर्धारित स्थानों पर पार्किंग से यातायात प्रभावित नहीं होता। हालांकि जिन लोगों के पास निजी गैरेज नहीं है, उन्हें केएमसी से औपचारिक अनुमति लेने को कहा गया है।
ईएम बाईपास और डीएच रोड पर विशेष नजर
ईएम बाइपास और डायमंड हार्बर रोड जैसे विस्तारित इलाकों में अवैध गैरेज, ट्रकों और बसों की अवैध पार्किंग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम करना है।
अवैध वसूली और पार्किंग माफिया पर भी कार्रवाई
केएमसी अब केवल अवैध पार्किंग हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके पीछे चल रहे कथित अवैध वसूली नेटवर्क और पार्किंग माफिया पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। निगम ऐसी एजेंसियों की पहचान कर रहा है जो अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। इन एजेंसियों की सूची जल्द ही कोलकाता पुलिस को सौंपी जाएगी ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सके। सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर जल्द ही पुलिस और केएमसी के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित होगी।