कोलकाता के ऐतिहासिक नाखुदा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी ने गाय और बीफ को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज कर दी है। उन्होंने केंद्र सरकार से गाय को भारत का ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग की है।
क्या कहा मौलाना ने?
मौलाना कासमी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देश में गाय को लेकर दोहरे रवैये पर सवाल उठाने चाहिए। उनका कहना है कि एक तरफ भारत में बीफ का बड़ा व्यापार होता है, जबकि दूसरी तरफ गाय के नाम पर तनाव और हिंसा देखने को मिलती है।
उन्होंने मुस्लिम समुदाय से बीफ का बहिष्कार करने की अपील भी की।
‘गाय नहीं खरीदेंगे तो हिंदुओं को नुकसान’ वाला दावा
अपने बयान में उन्होंने तर्क दिया कि अगर मुस्लिम गाय खरीदना और खाना छोड़ दें तो इसका आर्थिक असर पड़ेगा। उनके अनुसार:
- गाय पालन और बिक्री का पूरा चक्र प्रभावित होगा
- लावारिस गायों की समस्या बढ़ सकती है
- सड़क दुर्घटनाएं और फसल नुकसान का खतरा बढ़ सकता है
यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और बहस छिड़ गई है।
अकबर काल का उदाहरण भी दिया
मौलाना ने अपनी बात को सही ठहराने के लिए मुगल बादशाह अकबर का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी गाय पर रोक के बाद किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
सामाजिक और राजनीतिक बहस तेज
इस बयान के बाद गाय, बीफ और धार्मिक संवेदनशीलता को लेकर एक बार फिर चर्चा गर्म हो गई है। विभिन्न वर्गों में इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।