नई दिल्ली. अगर आपके पास घरेलू एलपीजी सिलेंडर का कनेक्शन है तो आपको ई-केवाईसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कर लेनी चाहिए। ई-केवाईसी नहीं कराने पर आपकी परेशानी बढ़ने वाली है क्योंकि अब इसी से सिलेंडर की कीमत तय होने वाली है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को बाजार निर्धारित मूल्य वाला एलपीजी सिलेंडर मिलेगा यानी बिना सब्सिडी वाला गैस लेना पड़ेगा। इससे जेब पर बड़ा असर पड़ने वाला है और घरेलू बजट प्रभावित हो सकता है। इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने सभी गैस एजेंसियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जल्द ही इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए तारीख का ऐलान किया जाएगा।
ई-केवाईसी से जुड़े नए निर्देश
तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी पूरा नहीं करने वालों के लिए 5 किलो और 10 किलो वाला गैस सिलेंडर विकल्प होगा। ये सिलेंडर कमर्शियल प्राइस यानी बाजार भाव पर उपभोक्ताओं को दिए जाएंगे। नियमित 14.2 किलो वाले सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य हो जाएगा। जो उपभोक्ता प्रक्रिया पूरी कर लेंगे उन्हें रियायती दर पर सिलेंडर मिलता रहेगा। जो नहीं कराएंगे उन्हें बिना सब्सिडी के महंगा सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सही पहचान सत्यापन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से लाई जा रही है।
एक दशक बाद पुराना सिस्टम वापस
बताया जा रहा है कि एक दशक बाद फिर से एलपीजी सिलेंडर के लिए दोहरी कीमत वाला सिस्टम लागू किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि जो लोग अपने एलपीजी कनेक्शन का ई-केवाईसी पूरा कराएंगे उन्हें सब्सिडी वाला सिलेंडर दिया जाएगा। वहीं जो ई-केवाईसी पूरा नहीं करेंगे उन्हें बिना सब्सिडी वाला बाजार निर्धारित मूल्य वाला सिलेंडर दिया जाएगा। पहले भी कुछ समय तक ऐसी व्यवस्था रही थी जिसे बाद में बदला गया था। अब पहचान सत्यापन को मजबूती देने के लिए इसे फिर से लागू किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है।
उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला असर
ई-केवाईसी नहीं कराने वाले परिवारों को सिलेंडर की कीमत में भारी अंतर का सामना करना पड़ेगा। सब्सिडी वाले और बाजार भाव वाले सिलेंडर की कीमत में हजारों रुपये का फर्क हो सकता है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। छोटे सिलेंडर का विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद नियमित घरेलू उपयोग के लिए महंगा सिलेंडर खरीदना व्यावहारिक नहीं रहेगा। इसलिए सभी सक्रिय घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी स्थिति जांचकर ई-केवाईसी जल्द पूरा करने की जरूरत है। देरी करने पर सब्सिडी का लाभ छूट सकता है।
आगे की तैयारी और सलाह
तेल कंपनियां जल्द तारीख का ऐलान करेंगी जिसके बाद नया सिस्टम लागू हो जाएगा। उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी, डिलीवरी बॉय के माध्यम से या मोबाइल ऐप से ई-केवाईसी कराने की सुविधा उपलब्ध है। जिनका सत्यापन पहले हो चुका है उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं। बाकी लोगों को अपनी स्थिति तुरंत चेक करानी चाहिए। सरकार और कंपनियों का उद्देश्य सही लाभार्थी तक सब्सिडी पहुंचाना है। समय रहते प्रक्रिया पूरी कर सब्सिडी का लाभ बनाए रखना उपभोक्ताओं के हित में है।