देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। एलपीजी सिलिंडर की मांग में अचानक बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें और सामान्य तरीके से ही गैस बुकिंग करें।
कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति फिर शुरू
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग से बचना चाहिए, क्योंकि इससे वितरण व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। सरकार ने आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संशोधित आपूर्ति आदेश भी जारी किया है।
पीएनजी कनेक्शन वालों पर नई व्यवस्था लागू
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के पास पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें घरेलू एलपीजी सिलिंडर रखने या रिफिल कराने की अनुमति नहीं होगी। सरकारी तेल कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन या रिफिल उपलब्ध न कराया जाए। इस कदम का उद्देश्य एलपीजी की उपलब्धता को उन लोगों तक प्राथमिकता से पहुंचाना है, जिनके पास पीएनजी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
एलपीजी के बजाय पीएनजी अपनाने की अपील
सरकार ने नागरिकों से एलपीजी की जगह पीएनजी का अधिक उपयोग करने की अपील की है। देश में इस समय लगभग 33 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 60 लाख उपभोक्ता तुरंत पीएनजी प्रणाली में स्थानांतरित हो सकते हैं। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए गैस कंपनियों, विशेषकर गेल इंडिया को उपभोक्ताओं को सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इंटरनेट मीडिया और अन्य माध्यमों से एलपीजी और पीएनजी के बारे में जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा गया है।
कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई
एलपीजी सिलिंडरों की कालाबाजारी को रोकने के लिए कई राज्यों में व्यापक कार्रवाई शुरू की गई है। महाराष्ट्र, गोवा, बिहार, ओडिशा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में 1400 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है और कई मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा लगभग 1300 जगहों पर औचक निरीक्षण भी किए गए हैं। सभी राज्यों को जिला स्तर पर गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए विशेष समितियां बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बढ़ती मांग के बीच उत्पादन में इजाफा
सामान्य दिनों में देश में प्रतिदिन लगभग 50-55 लाख घरेलू गैस सिलिंडरों की बुकिंग होती है, लेकिन हाल के दिनों में यह संख्या तेजी से बढ़ी है। शुक्रवार को लगभग 75 लाख सिलिंडर बुक हुए, जबकि शनिवार को यह आंकड़ा बढ़कर 88 लाख तक पहुंच गया। पहले जहां प्रतिदिन करीब 50 लाख सिलिंडरों की आपूर्ति होती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 62 लाख कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने से आने वाले 7-10 दिनों में स्थिति काफी हद तक सामान्य हो जाएगी।
समुद्री मार्ग से भी बढ़ाई जा रही आपूर्ति
विदेशों से एलपीजी की आपूर्ति को भी तेज किया गया है। खाड़ी देशों से एलपीजी लेकर आ रहे भारतीय ध्वज वाले 2 जहाज शनिवार सुबह युद्ध प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर चुके हैं। जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार ये जहाज अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। इसके अलावा एलपीजी के 6, एलएनजी का 1 और कच्चे तेल के 4 जहाज अभी फारस की खाड़ी में हैं, जिन्हें जल्द ही होर्मुज जलमार्ग से गुजरने की अनुमति मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्र की नजर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री से लेकर विदेश मंत्री तक कई देशों के नेताओं से लगातार संपर्क में हैं। भारत खाड़ी देशों के अलावा अन्य देशों से भी तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बातचीत कर रहा है, ताकि किसी भी स्थिति में देश में ईंधन की कमी न होने पाए।
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