चार महीने लंबे मानसून सत्र के अंतिम चरण में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। 4 जून को अंडमान-निकोबार से भारत में पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब करीब 100 दिन बाद वापसी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून की वापसी 15 से 17 सितंबर के बीच पश्चिमी राजस्थान से शुरू होने के संकेत हैं। हालांकि वापसी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले पश्चिमी और मध्य भारत में सक्रिय मौसम तंत्र के कारण कई क्षेत्रों में बारिश का दौर तेज हो गया है।
गुजरात में भारी बारिश का रेड अलर्ट
गुजरात के कच्छ क्षेत्र में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि सौराष्ट्र में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका जताई गई है। द्वारका, गिर सोमनाथ, जामनगर और मोरबी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में मौसम की सक्रियता के दौरान भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पश्चिमी और मध्य भारत में सक्रिय हुआ मौसम तंत्र
पश्चिमी और मध्य भारत के ऊपर बादलों का एक बड़ा मौसम तंत्र सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। इसके प्रभाव से गुजरात के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। उपग्रह तस्वीरों में भी इस मौसम तंत्र की सक्रियता दिखाई दे रही है। मानसून की वापसी के दौर में बने इस तंत्र ने फिलहाल कई इलाकों में बारिश की संभावनाओं को बढ़ा दिया है और मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है।
दिल्ली-NCR में बादल और हल्की बारिश
दिल्ली-NCR में फिलहाल भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 16 और 17 सितंबर के आसपास छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद इन क्षेत्रों में मौसम के धीरे-धीरे शुष्क होने की संभावना बढ़ेगी।
20 से 25 सितंबर के बीच दिल्ली से विदाई के संकेत
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR से मानसून की पूरी तरह विदाई सितंबर के तीसरे सप्ताह के अंत तक होने की संभावना है। यानी 20 से 25 सितंबर के आसपास इन क्षेत्रों में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। इसके बाद शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने लगेगा, जिससे मौसम में धीरे-धीरे बदलाव दिखाई देने की उम्मीद है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बदलेगा मौसम
नोएडा, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों से भी मानसून की वापसी सितंबर के अंतिम चरण में होने का अनुमान है। इन इलाकों में 22 से 27 सितंबर के बीच मानसून के लौटने की संभावना बताई गई है। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तुलना में पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल में बारिश का दौर कुछ अधिक समय तक जारी रह सकता है। यहां सितंबर के अंतिम दिनों तक बारिश की संभावना बनी रहने की बात कही गई है।
बिहार, झारखंड और मध्य भारत पर भी असर
मानसून की सक्रियता का प्रभाव दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं रहने वाला है। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मानसून की वापसी शुरू होने के बावजूद वातावरण में मौजूद नमी और सक्रिय मौसम तंत्र के कारण इन क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है। इसलिए मानसून की विदाई का अर्थ यह नहीं है कि देश के सभी हिस्सों से एक साथ बारिश समाप्त हो जाएगी।
सितंबर में अभी बाकी है बारिश का दौर
मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद सितंबर के शेष दिनों में कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने के बाद यह धीरे-धीरे दूसरे क्षेत्रों से भी पीछे हटेगा। इस बीच गुजरात जैसे राज्यों में सक्रिय मौसम तंत्र भारी बारिश का कारण बन सकता है, जबकि दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के संकेत हैं। ऐसे में सितंबर का शेष मौसम देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रूप दिखा सकता है।