पिछले कुछ दिनों में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसके चलते दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी ईंधन महंगा हो गया है। इसी कारण देश के कई शहरों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने वाले हैं।हालांकि इस बीच कुछ जगहों से ऐसे वीडियो भी सामने आए, जिनमें लोग वाहनों के अलावा अन्य कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल भरकर जमा करते दिखाई दिए। इन घटनाओं के बाद सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
सरकार ने दूर की कीमत बढ़ने की आशंका
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का कोई फैसला नहीं किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है मंत्रालय ने यह भी बताया कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां लगातार ईंधन की उपलब्धता पर नजर रख रही हैं और देश भर में सप्लाई सुचारु रूप से जारी है।
पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश के सभी रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी संदेश में कहा कि उपभोक्ताओं को घबराकर ईंधन जमा करने की आवश्यकता नहीं है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में वर्तमान कीमतों की बात करें तो दिल्ली में पेट्रोल का भाव लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव करीब 87.67 रुपये प्रति लीटर है। वहीं नोएडा में पेट्रोल की कीमत लगभग 94.90 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 88.01 रुपये प्रति लीटर है।
असुरक्षित तरीके से ईंधन भरने पर सख्ती
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेट्रोल या डीजल को ढीले या असुरक्षित कंटेनरों में भरकर रखना गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए लोगों को ऐसा करने से बचना चाहिए। इस संबंध में पेट्रोल पंप संचालकों को भी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। तमिलनाडु में एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल को ढीले कंटेनरों में भरते हुए पाए जाने के बाद उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पैनिक बाइंग से बचने की अपील
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराकर खरीदारी न करें। तेल विपणन कंपनियों के अनुसार देश में लगभग 1 लाख रिटेल आउटलेट्स के जरिए ईंधन की सप्लाई हो रही है और कहीं भी स्टॉक खत्म होने की सूचना नहीं मिली है।
भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार भारत की रिफाइनिंग क्षमता लगभग 258 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है, जिसके कारण भारत दुनिया का 4th सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब बन चुका है। यही वजह है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति को संतुलित बनाए रखना संभव हो पाता है। सरकार ने हाल ही में 9 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर भी जारी किया है, जिसके तहत पीएनजी और सीएनजी की 100% आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ऊर्जा आपूर्ति को और अधिक स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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