भारत ने रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। स्वदेशी गाइडेड पिनाका रॉकेट की पहली खेप आर्मेनिया भेजी गई है, जिससे भारत के रक्षा निर्यात को नई मजबूती मिली है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह रॉकेट पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है और वैश्विक स्तर पर इसकी मांग बढ़ रही है।
आर्मेनिया बना पहला खरीदार
गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम का पहला अंतरराष्ट्रीय खरीदार आर्मेनिया बना है। इस निर्यात को भारत के निजी रक्षा उद्योग की सफलता के रूप में देखा जा रहा है। पहली खेप को रवाना करते समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का लक्ष्य ऐम्युनिशन प्रोडक्शन में दुनिया का प्रमुख केंद्र बनना है और इसके लिए निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र को साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा।
निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका
पिनाका रॉकेट का निर्माण सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस (SDAL) द्वारा किया गया है, जो सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड की रक्षा उत्पादन इकाई है। यह दिखाता है कि अब भारत में निजी कंपनियां भी अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने में सक्षम हो चुकी हैं। सरकार भी चाहती है कि निजी क्षेत्र सरकारी कंपनियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करे, जिससे आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके।
राजनाथ सिंह का विज़न और संदेश
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रक्षा उत्पादन में प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि सहयोग की भावना जरूरी है। उनका मानना है कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र एक-दूसरे के पूरक बनकर काम करें, ताकि राष्ट्रहित में मजबूत रक्षा इकोसिस्टम तैयार हो सके। यही सोच भारत को रक्षा निर्यात में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस की ताकत
SDAL आज देश की प्रमुख रक्षा उत्पादन कंपनियों में शामिल हो चुकी है। कंपनी नागास्त्र लोइटरिंग म्यूनिशन, भार्गवास्त्र काउंटर-ड्रोन सिस्टम, गाइडेड पिनाका रॉकेट, ग्रेनेड और विभिन्न प्रकार के UAV जैसे अत्याधुनिक उत्पाद विकसित कर रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय निजी उद्योग वैश्विक रक्षा मानकों पर खरा उतरने लगा है।
क्या है गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम
पिनाका एक स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जिसे DRDO ने विकसित किया है। यह केवल 44 सेकंड में 12 रॉकेट दागने में सक्षम है। इसकी रेंज 40 किलोमीटर से लेकर 120 किलोमीटर तक है, जिसे भविष्य में और बढ़ाया जा सकता है। गाइडेड वर्जन की खासियत इसकी उच्च सटीकता है, जो इसे आधुनिक युद्ध के लिए बेहद प्रभावी बनाती है। फ्रांस जैसे देशों की इसमें रुचि भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है।
वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की मजबूत मौजूदगी
पिनाका रॉकेट के निर्यात से यह संकेत मिलता है कि भारत अब सिर्फ रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद निर्यातक बन चुका है। आने वाले समय में और देशों के भारत से हथियार और गोला-बारूद खरीदने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
Comments (0)