राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक दिखाई दिए। अपने भाषण के दौरान उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोग बाहर से “मोहब्बत की दुकान” चलाने की बात करते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर वे उनकी कब्र खोदने की साजिश में लगे हुए हैं। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद सदन में भारी हंगामा देखने को मिला।
‘मेरी कब्र खोदने जैसे नारे बेहद शर्मनाक’
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में पार्टी से जुड़े लोगों की एक रैली में “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे आपत्तिजनक नारे लगाए गए। उन्होंने इसे सिर्फ उनका नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान बताया और कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पीएम ने विपक्ष से इस बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
विकसित भारत के लक्ष्य पर सरकार अडिग
भावुक स्वर में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार देश को विकसित भारत की दिशा में आगे ले जाने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन विपक्ष नफरत और षड्यंत्र की राजनीति में उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि विरोध और आलोचनाओं के बावजूद सरकार राष्ट्रहित में फैसले लेती रहेगी।
अनुच्छेद 370 और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ, लेकिन विपक्ष आज भी इसे स्वीकार नहीं कर पाया है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्वोत्तर में शांति स्थापना, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला दिया। पीएम ने कहा कि आतंक के खिलाफ कार्रवाई से पाकिस्तान की साजिशें नाकाम हुईं, लेकिन विपक्ष इस पर चुप्पी साधे रहता है।
विपक्ष पर नफरत की राजनीति का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्ष का एजेंडा अब सिर्फ नफरत फैलाने और साजिश रचने तक सीमित रह गया है, जबकि सरकार देश को आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे नकारात्मक राजनीति छोड़कर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करें। पीएम के इस भावुक और आक्रामक भाषण के बाद संसद का माहौल पूरी तरह गरमा गया और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
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