नई दिल्ली - ग्लोबल टाइगर डे के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और वन्यजीव प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत को इस बात पर गर्व है कि दुनिया की करीब 70 प्रतिशत बाघ आबादी देश में निवास करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाघ संरक्षण भारत की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और प्रकृति के साथ संतुलित विकास की सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बाघ संरक्षण के लिए दोहराई प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आधुनिक तकनीक, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और सतत विकास के माध्यम से बाघ संरक्षण को लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य में रहने की रही है और इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रदर्शनी और वृत्तचित्रों का हुआ लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही बाघ और अन्य वन्यजीवों पर तैयार वृत्तचित्रों के टीजर भी जारी किए गए। वन सुरक्षा समितियों तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई।
मध्य प्रदेश को बताया 'टाइगर स्टेट'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का 'टाइगर स्टेट' है और बाघों की सुरक्षा, वन संरक्षण तथा जैव विविधता को सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है।
जनभागीदारी पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण, जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक धरोहर और जैव विविधता को सुरक्षित रखना बेहद आवश्यक है। सरकार इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है और भविष्य में भी संरक्षण से जुड़े प्रयासों को और गति दी जाएगी।