नई दिल्ली - भारत का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को सही ठहराए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि एनडीए नेताओं ने फैसले को चुनाव आयोग की जीत बताया है।
चुनाव से ठीक पहले SIR पर सवाल - प्रमोद तिवारी
कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि SIR आमतौर पर चार साल में होता है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश में इस तरह की प्रक्रिया कराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मजदूर रोज़गार के लिए बाहर रहते हैं, ऐसे में उनके नाम हटने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के नाम कटे थे, उनकी अपील पर हजारों नाम फिर से वैध पाए गए। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाया जाएगा और विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कई सवालों पर सरकार और अदालत अब भी चुप हैं।
समावेशन नहीं, बहिष्कार की चिंता - मनोज झा
मनोज झा ने कहा कि उनकी चिंता “समावेशन के बजाय बहिष्कार” की प्रक्रिया को लेकर थी। उन्होंने कहा कि लाखों लोग अब भी बिहार और बंगाल से बाहर रह रहे हैं, इसलिए ऐसे मामलों में सतर्कता जरूरी है। हालांकि उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब आगे की प्रक्रिया देखी जाएगी।
NDA ने फैसले को बताया सही
बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि Election Commission of India ने कानून के दायरे में रहकर बिना भेदभाव के काम किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी का नाम हटाया गया तो उसके पीछे उचित कारण रहा होगा। उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य फर्जी मतदान रोकना और मतदाता सूची को सही बनाना है। संतोष सुमन ने दावा किया कि बिहार की जनता ने पहले भी NDA को समर्थन दिया है और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है।
TMC नेताओं ने भी जताई आपत्ति
TMC के सीनियर नेता सौगत रॉय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला कानून के तौर पर स्वीकार्य है, लेकिन उनकी आपत्ति इस बात को लेकर है कि SIR का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं किया गया। वहीं कल्याण बनर्जी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिहार के संदर्भ में है और पश्चिम बंगाल का मामला अलग है। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग यह तय नहीं कर सकता कि कौन नागरिक है और कौन नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि कोर्ट ने प्रक्रियागत सुरक्षा उपायों पर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।