नई दिल्ली - नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए सख्त कदम उठा रही है, लेकिन परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को रोकने में नाकाम रही है।
'सरकार सब बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक नहीं'
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सरकार मेट्रो, सड़कें, इंटरनेट और बाजार बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाई। उन्होंने कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष परीक्षा और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "मोदी जी, आप सब कुछ बंद कर सकते हैं, लेकिन एक चीज नहीं रोक पाए और वह है पेपर लीक।"
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल
राहुल गांधी ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने एक घायल छात्र का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सख्ती की गई। उनके मुताबिक, अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों को न्याय मिलने के बजाय दमन का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में पुलिस और छात्र दोनों हुए घायल
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल बताए गए। वहीं, करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। इस घटना के बाद पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
सरकार लाई सख्त कानून की तैयारी
केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, संशोधन विधेयक 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़े कानून और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद 26 दिन का अनशन समाप्त कर दिया। सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझावों पर विचार करने का भरोसा दिया है।