छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और अमित शाह पर सीधे आरोप
नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में परीक्षा सुधार विधेयक पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र विरोध प्रदर्शनों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पेलेट गन चलाने और बल प्रयोग करने के निर्देश गृह मंत्री की ओर से ही दिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को सुनने और संवाद कायम करने के बजाय उन पर हिंसक दमन चक्र चला रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर 'आरएसएस' के वर्चस्व का आरोप
शिक्षा प्रणाली में हो रही लगातार धांधली और पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संघ देश के शैक्षणिक संस्थानों का वैचारिक अधिग्रहण कर उन्हें अंदर से खोखला कर रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को निजी हाथों और निजी कंपनियों को सौंपकर भ्रष्ट बना दिया गया है, जहां लाखों रुपये में पेपर लीक हो रहे हैं और देश के होनहार छात्रों का भविष्य अंधकार में डाला जा रहा है।
सदन में बीजेपी का जोरदार हंगामा और माफी की मांग
राहुल गांधी के बयानों पर सत्ता पक्ष के मंत्रियों और सांसदों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सदन में हंगामा शुरू कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि राहुल गांधी बिना किसी सबूत के गृह मंत्री पर इतना गंभीर आरोप कैसे लगा सकते हैं। बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी से तुरंत अपने बयान के पक्ष में प्रमाण देने या पूरे देश और सदन से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने बिना प्रमाण लगाए गए आपत्तिजनक शब्दों को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।