नई दिल्ली। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बड़ा बयान देते हुए पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि पूरी रणनीति के तहत और अपनी शर्तों पर रोका गया था। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ती तो भारत लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार था।
‘कमजोरी नहीं, रणनीति का फैसला’
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन को रोकना भारत की कमजोरी नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने दोहराया कि भारत की सैन्य क्षमता पूरी तरह सक्षम है और किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम है।
‘Surge Capacity’ पहले से ज्यादा मजबूत
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत की “surge capacity” यानी अचानक जरूरत पड़ने पर सैन्य ताकत बढ़ाने की क्षमता पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है। उन्होंने इसे भारत की रणनीतिक बढ़त का संकेत बताया।
तीनों सेनाओं का बेहतरीन तालमेल
उन्होंने कहा कि Indian Army, Indian Navy और Indian Air Force ने मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दिया, जो भारत की एकीकृत सैन्य शक्ति का उदाहरण है। यह नई सैन्य सोच और तालमेल की ताकत को दर्शाता है।
आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
रक्षा मंत्री ने Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार के आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इसी नीति का हिस्सा हैं।
AI और ब्रह्मोस से बढ़ी मारक क्षमता
इस ऑपरेशन में BrahMos Missile जैसी आधुनिक मिसाइल प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इससे हमलों की सटीकता और मारक क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ।
रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत की सैन्य ताकत का असर अब वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 62.66% ज्यादा है।