कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार बनने के बाद भी मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार अब तक नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में अधिकांश विभाग अभी भी खुद मुख्यमंत्री के पास हैं। 11 मई को पहली कैबिनेट गठन के बाद कुछ विभाग पांच मंत्रियों के बीच बांटे गए, लेकिन गृह, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त और उद्योग समेत 42 अहम विभाग अब भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास हैं।
जून के पहले सप्ताह तक हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार
सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि नई सरकार को व्यवस्थित होने के लिए थोड़ा समय चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि जून के पहले सप्ताह तक मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि हर नई सरकार को अपनी प्रशासनिक संरचना को मजबूत करने के लिए समय लगता है और इसी प्रक्रिया के तहत मंत्रिमंडल विस्तार पर काम चल रहा है।
‘यह भाजपा नहीं, पश्चिम बंगाल की सरकार है’
पार्टी और सरकार के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा बहुमत के साथ सत्ता में जरूर आई है, लेकिन अब यह केवल भाजपा की सरकार नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल की जनता की सरकार है। उन्होंने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और उनकी कैबिनेट द्वारा संचालित की जा रही है, जबकि भाजपा केवल सुझाव देने की भूमिका निभाएगी।
‘राज्य से उद्योगों का पलायन हुआ’
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले वर्षों में पश्चिम बंगाल से बड़े पैमाने पर उद्योगों का पलायन हुआ है। उनके अनुसार, करीब 6,300 कंपनियां कोलकाता से बाहर चली गईं, 1,016 कंपनियों का परिसमापन हुआ और लगभग 79,000 छोटे एवं मध्यम उद्योग बंद हो गए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्य निवेश के नए केंद्र बन रहे हैं, जबकि बंगाल की वैश्विक निवेश छवि प्रभावित हुई है।
भूमि और डेटा नीति पर काम कर रही सरकार
निवेश बढ़ाने के लिए नई सरकार भूमि अधिग्रहण और निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है। शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार जल्द ही नई डेटा नीति और व्यापक भूमि नीति लेकर आएगी, जिससे निवेशकों को सुविधा मिलेगी। भारत चेंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों में उद्योगों और निवेशकों को नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के लिए कुछ असाधारण करना चाहते हैं।
क्या है मौजूदा स्थिति?
फिलहाल मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पास राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभाग बने हुए हैं। अब राजनीतिक हलकों में चर्चा इस बात को लेकर तेज है कि जून के पहले सप्ताह में होने वाला संभावित मंत्रिमंडल विस्तार सरकार के कामकाज और प्रशासनिक संतुलन को किस तरह प्रभावित करेगा।