कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पहले ही सत्र में राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। कूचबिहार दक्षिण के भाजपा विधायक रथींद्रनाथ बसु के नए स्पीकर चुने जाने के बाद सदन में भाषणों का दौर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते तीखी बयानबाजी और भारी हंगामे में तब्दील हो गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक तापस राय ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए सदन के भीतर सनसनीखेज दावा किया।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दिया रचनात्मक विपक्ष का भरोसा
सदन की शुरुआत में नए स्पीकर रथींद्रनाथ बसु को पूर्व स्पीकर बिमान बनर्जी और विपक्षी विधायकों ने बधाई दी। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि वह राज्य में एक रचनात्मक विपक्ष चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया:
"विधानसभा कभी भी मारपीट या हिंसा की जगह नहीं हो सकती। विपक्ष के सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने का और भी ज्यादा मौका दिया जाएगा।"
"देखो-देखो, बहुत तो किया है, अब क्या बुरा लग रहा है"
मुख्यमंत्री के शांत और आश्वासन भरे लहजे के ठीक बाद जब भाजपा नेता तापस राय बोलने खड़े हुए, तो सदन का माहौल पूरी तरह बदल गया। उन्होंने सीधे टीएमसी विधायकों की तरफ देखते हुए तंज कसा, "देखो देखो, बहुत तो किया है, अब क्या देखने में खराब लग रहा है क्या!" उनके इस तंज पर टीएमसी विधायकों ने जोरदार आपत्ति जताई और सदन में हंगामा शुरू हो गया।
साल 2026 का चुनाव कोई सामान्य चुनाव नहीं, 'धर्मयुद्ध' था: तापस राय
नए स्पीकर को बधाई देने के बाद तापस राय ने साल 2026 के विधानसभा चुनाव को साधारण चुनाव मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा:
"माननीय स्पीकर महोदय, देश के इस सबसे पुराने और पवित्र सदन का स्पीकर चुने जाने पर आपको बधाई। यह (2026) चुनाव कोई सामान्य चुनाव नहीं था। यह सिर्फ सरकार बनाने या जीतकर आने का चुनाव नहीं था, बल्कि यह एक 'धर्मयुद्ध' था। मैं इस धर्मयुद्ध को जीतकर आने वाले सभी सदस्यों को बधाई देता हूं।"
"देशविरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ बने कानून"
तापस राय ने सदन के भीतर राष्ट्रवाद का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि विधानसभा के अंदर किसी भी तरह के देशविरोधी या राज्यविरोधी नारे लगाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून बनाकर ऐसे नारों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। राय ने दावा किया, "अब पश्चिम बंगाल पूरी तरह से पापमुक्त, शापमुक्त और भयमुक्त हो चुका है।"
चुनाव बाद हिंसा (Post-Poll Violence) पर टीएमसी को घेरा
विपक्ष के नेता (TMC) शोभनदेव चट्टोपाध्याय पर निशाना साधते हुए तापस राय ने याद दिलाया कि कैसे अतीत में भाजपा उम्मीदवारों की हड्डियां तोड़ देने की धमकियां दी गई थीं। उन्होंने गुस्से में कहा:
"आज इनके मुंह से चुनाव बाद हिंसा (पोस्ट पोल वायलेंस) की बातें अच्छी लगती हैं? जो लोग पूरी तरह निर्लज्ज और बेशर्म हैं, वही ऐसी बातें कर सकते हैं।"
तापस राय ने दावा किया कि अगर टीएमसी दोबारा सत्ता में आती, तो राज्य में भयानक खून-खराबा होता और भाजपा समर्थकों को घर छोड़ना पड़ता। उन्होंने कहा:
"अगर ये लोग दोबारा सरकार में वापस आ जाते, तो आज भाजपा को अपने 150 से 200 कार्यकर्ताओं की लाशें गिननी पड़तीं।"
"मेरा नाम हो तो मुझे जेल भेज दें"
हिंसा के आरोपों पर खुद को पाक-साफ बताते हुए भाजपा नेता ने चुनौती दी, "अगर चुनाव बाद हुई किसी भी हिंसा में मेरा नाम शामिल पाया जाता है, तो मुझे सीधे जेल भेज दिया जाए।"* तापस राय के इस बयान के बाद सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अपने तीखे और आक्रामक भाषण के अंत में तापस राय ने सदन में 'जय श्रीराम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए, जिसने विधानसभा के भीतर राजनीतिक सरगर्मी को और ज्यादा बढ़ा दिया।