कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार 22 जून को अपना पहला पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। सत्ता परिवर्तन के बाद आने वाला यह बजट राज्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों से लेकर उद्योग जगत तक, सभी की नजर इस बजट पर टिकी हुई है।
कर्ज के दबाव के बीच नई आर्थिक रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार को पिछली सरकार से भारी कर्ज का बोझ मिला है। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी सरकार वित्तीय अनुशासन और खर्चों में कटौती के जरिए राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने की तैयारी कर रही है। सरकार बजट में ऐसा रोडमैप पेश कर सकती है, जिससे आने वाले वर्षों में बंगाल को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मिल सकता है बड़ा पैकेज
जानकारी के अनुसार, इस बजट में सड़क, फ्लाईओवर, हाईवे और बिजली परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जा सकता है। लंबे समय से अटकी कई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की योजना तैयार की जा रही है। सरकार का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
उद्योगों को आकर्षित करने की तैयारी
नई सरकार राज्य में निवेश का माहौल बेहतर बनाने के लिए टैक्स और प्रशासनिक सुधारों पर भी विचार कर रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उद्योग संगठनों और आर्थिक विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। माना जा रहा है कि सरकार देश-विदेश के निवेशकों को बंगाल लाने के लिए कई नई नीतियों की घोषणा कर सकती है।
सामाजिक योजनाओं पर भी रहेगा संतुलन
सरकार सिर्फ विकास परियोजनाओं पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक योजनाओं पर भी संतुलित रणनीति अपनाने की तैयारी में है। पुरानी योजनाओं को जारी रखने के साथ-साथ आम जनता को राहत देने वाली नई योजनाओं की भी घोषणा संभव है।
18 जून से शुरू होगा बजट सत्र
विधानसभा का बजट सत्र 18 जून से शुरू होने जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र नई सरकार के लिए बड़ी परीक्षा साबित होगा। सरकार को जहां आर्थिक सुधारों का भरोसा देना होगा, वहीं विपक्ष के तीखे सवालों का सामना भी करना पड़ सकता है।