Jaipur: प्रदेश में भजनलाल सरकार (CM Bhajanlal) इसी साल निवेश समिट का आयोजन करेगी। पिछले दिनों स्टोन मार्ट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की, उसके बाद उद्योग विभाग ने इसके लिए मसौदा तैयार कर लिया है। इसमें सबसे ज्यादा निवेश कार्यक्रमों और प्रदेश की ब्रांडिंग पर जोर दिया गया है। इसके तहत सबसे पहले विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी।
ऑनलाइन किया जाएगा लेखा-जोखा
समय पर करार जमीन पर उतरें, इसके लिए उद्योगपतियों को देय जमीनों का लेखा-जोखा ऑनलाइन किया जाएगा। उद्योगपतियों को लुभाने के लिए विभाग समिट में नई नीतियों की शुरुआत भी करेगा। फिलहाल गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक व उत्तर प्रदेश में हुए निवेश कार्यक्रमों का अध्ययन किया जा रहा है। इसे लेकर उच्च स्तर पर 10 बैठकें भी हो चुकी हैं।
समय पर जमीन नहीं मिली तो कई निवेश फिसले थे, अब ऐसा नहीं होगा
पिछली सरकार ने निवेश समिट आयोजित कर समझौता पत्र (एमओयू) के साथ ही उन उद्योगों से आशय पत्र (एलओआई) भी साइन किए थे, जिन्हें जमीन की जरूरत थी। लेकिन जटिल प्रक्रिया के चलते समय पर भूमि का आवंटन नहीं हो पाया और कई बड़े निवेश राजस्थान से बाहर चले गए थे। अब भजनलाल सरकार भूमि आवंटन की पूरी प्रक्रिया को ही बदलकर सरल करने की तैयारी में है। प्रदेश में 413 औद्योगिक क्षेत्र और 92629 एकड़ अधिग्रहीत जमीनें हैं। 51,299 एकड़ जमीनों पर 79,490 भूखंड विकसित हैं। 26 से ज्यादा विशेष क्षेत्र हैं।
औद्योगिक जमीनों का किया जा रहा डिजिटलाइजेशन
समिट से पहले सभी रिको क्षेत्र व अन्य औद्योगिक जमीनों (CM Bhajanlal) का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है ताकि भू आवंटन समय पर हो सके। इसे पोर्टल पर डाला जाएगा। प्रदेश में हाईटेक सिरेमिक पार्क, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और इनोवेशन हब बनाने के लिए भी जगह तलाशी जा रही है। पिछली सरकार ने निवेश समिट आयोजित कर समझौता पत्र (एमओयू) के साथ ही उन उद्योगों से आशय पत्र (एलओआई) भी साइन किए थे, जिन्हें जमीन की जरूरत थी। लेकिन जटिल प्रक्रिया के चलते समय पर भूमि का आवंटन नहीं हो पाया और कई बड़े निवेश राजस्थान से बाहर चले गए थे।
भूमि आवंटन की प्रक्रिया होगी सरल
अब भजनलाल सरकार भूमि आवंटन की पूरी प्रक्रिया को ही बदलकर सरल करने की तैयारी में है। प्रदेश में 413 औद्योगिक क्षेत्र और 92629 एकड़ अधिग्रहीत जमीनें हैं। 51,299 एकड़ जमीनों पर 79,490 भूखंड विकसित हैं। 26 से ज्यादा विशेष क्षेत्र हैं। समिट से पहले सभी रिको क्षेत्र व अन्य औद्योगिक जमीनों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है ताकि भू आवंटन समय पर हो सके। इसे पोर्टल पर डाला जाएगा। प्रदेश में हाईटेक सिरेमिक पार्क, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और इनोवेशन हब बनाने के लिए भी जगह तलाशी जा रही है।