Jaipur: कांग्रेस में लोकसभा चुनावों के उम्मीदवार तय करने (Congress Candidate List) का काउंट डाउन शुरू हो गया है। दिल्ली में कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में सोमवार रात राजस्थान के टिकटों की पहली खेप पर फैसला हो गया है। पहली लिस्ट में करीब 10 सीटों पर उम्मीदवार तय कर दिए गए हैं। सोमवार को ही कांग्रेस में शामिल हुए राहुल कस्वां को चूरू से टिकट देने पर सीईसी ने मुहर लगा दी है। सीईसी की बैठक के बाद अब कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची कभी भी जारी की जा सकती है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को राजस्थान कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा के आसार हैं।
दिग्गज नेताओं को चुनाव लड़वाने का फैसला नहीं हुआ
सीईसी की बैठक में दिग्गज नेताओं को लोकसभा चुनाव लड़वाने पर फैसला नहीं हो सका। फिलहाल इसे पैंडिंग रखा गया है। कांग्रेस ने छतीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को राजानंदगांव सीट से लोकसभा उम्मीदवार बनाया है। बघेल को लोकसभा उम्मीदवार बनाने के बाद राजस्थान में भी यही फॉर्मूला अपनाने पर विचार चल रहा था, लेकिन वरिष्ठ नेता इसके लिए तैयार नहीं हैं। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी सहित वरिष्ठ नेताओं को चुनाव लड़ाने की सलाह दी गई थी।
वरिष्ठ नेताओं को चुनाव लड़वाने पर फैसला होल्ड
वरिष्ठ नेताओं को चुनाव लड़वाने पर फैसला होल्ड हो गया है। कांग्रेस में नेताओं का एक धड़ा लगातार वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा चुनाव लड़ने की पैरवी कर रहा है। अशोक गहलोत को जोधपुर, सचिन पायलट को टोंक-सवाईमाधोपुर, गोविंद सिंह डोटासरा को सीकर और सीपी जोशी को जयपुर या भीलवाड़ा से लोकसभा चुनाव लड़ाने की सलाह दी गई थी, लेकिन अब इनकी जगह दूसरे उम्मीदवारों पर विचार किया जा रहा है।
पहले फेज में तीन विधायकों को लोकसभा के टिकट
कांग्रेस में विधायकों, पूर्व विधायकों के साथ कई सीटों (Congress Candidate List) पर हारे हुए उम्मीदवारों को फिर से मौका मिलने की संभावना है। कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने आठ विधायकों के नाम सीईसी को भेजे थे। झुंझुनूं से बृजेद्र ओला, कोटा-बूंदी से अशोक चांदना, दौसा से मुरारीलाल मीणा, बाड़मेर से हरीश चौधरी, राजसमंद से सुदर्शन सिंह रावत, अलवर से ललित यादव, बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट पर गणेश घोघरा या अर्जुन बामणिया, करौली-धौलपुर सीट से विधायक अनिता जाटव के नाम सीईसी को भेजे गए थे। इनमें से तीन विधायकों के टिकट पहले फेज में फाइनल हो गए हैं, बाकी पर बाद में फैसला होगा।
गठबंधन में सीटें छोड़ने या नहीं छोड़ने पर फैसला अटका
गठबंधन को लेकर मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली कमेटी की सिफारिश के हिसाब से फैसला होगा। आज सीईसी की बैठक में गठबंधन पर फैसला नहीं हो सका। कांग्रेस राजस्थान में तीन सीटों पर गठबंधन को लेकर सहयोगी दलों के साथ बातचीत कर रही थी। बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट पर भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) से चर्चा चल रही थी। हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी से नागौर और बाड़मेर सीट पर गठबंधन को लेकर बात चल रही थी, लेकिन इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
बची हुई सीटों पर आगे फिर चर्चा होगी
कांग्रेस में पहले फेज में अभी 10 सीटों पर ही उम्मीदवारों पर सीईसी की मुहर लगी है। बची हुई 15 सीटों पर चर्चा के लिए फिर से सीईसी की बैठक होगी, जिसकी तारीख अभी तय नहीं है। अभी गठबंधन को लेकर चर्चा वाली नागौर, बांसवाड़ा-डूंगरपुर, बाड़मेर सीटों पर उम्मीदवारों पर फैसला रोक लिया है।