Jaipur: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह (Rajasthan Politics) के बीच अदावत बढ़ती जा रही है। दोनों के बीच अब तकरार इतनी बढ़ गई है कि विधायक ने संजीवनी मुद्दे पर शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा- लोगों के पैसे डूब गए और जब लोग मदद के लिए शेखावत के पास गए तो वो भी नहीं की।
धरने पर बैठे बाबू सिंह राठौड़
दरअसल, गुरुवार को शेखावत शेरगढ़ विधानसभा दौरे पर थे। इसी दौरान शाम करीब 7 बजे चामू थाना के भालू रतनगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध में नारे लगाए तो पुलिस ने मामला दर्ज किया और देर रात 2 बजे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इधर, जब बाबू सिंह राठौड़ को इसके बारे में पता चला तो वे थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। धरना शुक्रवार सुबह 7 बजे दोबारा शुरू हुआ। आखिर एसपी ग्रामीण धर्मेंद्र यादव की समझाइश के बाद दोपहर 2 बजे धरना समाप्त किया।
एम्बुलेंस का लोकार्पण करने शेरगढ़ पहुंचे थे शेखावत
दरअसल, पूरा मामला गुरुवार शाम को शुरू हुआ था। केंद्रीय मंत्री शेखावत एम्बुलेंस का लोकार्पण करने शेरगढ़ आए थे। यहां से वे भालू लक्ष्मणगढ़ पहुंचे तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध में नारे लगाना शुरू कर दिया। विरोध को बढ़ता देख शेखावत अंबेडकर चौराहे, भूंगरा गांव से होते हुए मल्लीनाथ सर्किल पहुंचे तो यहां भी नारेबाजी हुई और काला झंडे दिखाए गए। इसके बाद वे भालू लक्ष्मणगढ़ पंचायत में एनीकट का लोकार्पण करने पहुंचे और जैसे ही भाषण शुरू किया वहां मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने समझाइश की लेकिन इसके बाद चामू थाना अधिकारी की ओर से नामजद 6 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया।
सुबह धरने पर बैठे विधायक, समझाइश के बाद माने
इधर, मामला बढ़ता देख विधायक शुक्रवार सुबह एक (Rajasthan Politics) बार फिर थाने पहुंचे और समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए संजीवनी सोसायटी को लेकर केंद्रीय मंत्री पर जमकर निशाना साधा। वे बोले- संजीवनी के मामले में कई लोगों ने अपनी जिंदगी की कमाई गंवा दी। कई लोगों के पैसे डूब गए। इसको लेकर जब लोगों ने केंद्रीय मंत्री शेखावत से कहा कि अब केंद्र और राज्य दोनों में आपकी सरकार है इसकी जांच हो जाए और हमारे गरीबों का पैसा मिल जाए तो हमारी आशीष आपको मिलेगी। इसमें भी आगे बढ़कर कोई मदद नहीं की। आज गरीब खून के आंसू रो रहे हैं। उन्होंने इस दौरान केंद्रीय विद्यालय, एलिवेटेड रोड और ईसीएस मुद्दे पर भी शेखावत पर निशाना साधा। करीब 2 बजे तक चले धरना प्रदर्शन में समझाइश हुई कि पुलिस अब दबिश नहीं देगी। इस पर वे माने और कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे जयपुर में सीएम से मिलेंगे।
सरपंच को पकड़ने पर हुआ हंगामा, पुलिस से उलझे विधायक
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने दबिश देकर कार्यकर्ताओं (Rajasthan Politics) को हिरासत में लेना शुरू कर दिया था, जिसमें कई शेरगढ़ विधायक के समर्थक भी थे। इसी दौरान एक टीम देर रात जवाहर नगर पहुंची और सरपंच हरि सिंह को हिरासत में लेकर थाने ले जाने लगी। इधर, विधायक को पता चला तो वे भी थाने की तरफ रवाना हुए और बीच रास्ते में पुलिस की गाड़ी रुकवा गिरफ्तारी को लेकर सवाल-जवाब किए। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस अधिकारी और विधायक के बीच तकरार बढ़ गई। विधायक से पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पथराव किया गया था तो विधायक ने इसका सबूत मांगा। विधायक को कहा गया कि उनके पास वीडियो है। इस बीच जब पुलिस अधिकारी ने विधायक को बीच रास्ते से हटने को कहा तो विधायक बिफर गए। वे बोले- ये मेरा रास्ता है। आप बिना किसी नोटिस के सूचना के किसी के घर कैसे जा सकते हो। अब ये बात बहुत बढ़ेगी। फिर क्या होगा वो आपको पता चल जाएगा। चामू थाने में थाना अधिकारी ओमप्रकाश की की ओर से आईपाल सिंह, नाथू सिंह, मग सिंह गड़ा, हरि सिंह, उमेद सिंह, मनोहर सिंह, चंदनसिंह, रामसिंह, उगमसिंह, नखताराम, चंदू प्रजापत के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध करने, भीड़ को उकसाने, मंच पर लगे टेंट के पीछे से पत्थर फेंकने और पुलिस जाब्ते के साथ धक्का मुक्की करने को लेकर धारा 143, 332, 353 और 336 में मामला दर्ज करवाया गया है।