भीनमाल नगरपालिका ने एक ही मृत व्यक्ति के दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए। दोनों ही प्रमाण-पत्र में व्यक्ति की मृत्यु भी अलग-अलग बताई गई। जिस व्यक्ति की मृत्यु 2002 में हुई उसी व्यक्ति का चार साल पहले की तारीख में शपथ पत्र के आधार पर फिर से मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। हैरानी की बात तो यह है कि शपथ पत्र के आधार पर जारी यह मृत्यु प्रमाण—पत्र जिस दिन रजिस्ट्रेशन हुआ उसी दिन जारी कर दिया गया। जबकि कई बार लोगों के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए पालिका के चक्कर काटते—काटते चप्पल घिस जाते है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन का गलत नामांतरण करने के लिए पालिका के कार्मिकों ने भूमाफियों के सांठ-गांठ कर फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किया। जिसमें शपथ पत्र की जांच किए बिना ही आनन-फानन में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया।
भीनमाल नगरपालिका ने एक ही मृत व्यक्ति के दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए। दोनों ही प्रमाण-पत्र में व्यक्ति की मृत्यु भी अलग-अलग बताई गई।