Jaipur: राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sukhdev Singh Gogamedi) की हत्या के मामले में फरार चल रहा महेंद्र उर्फ समीर का कोटा से गहरा नाता रहा है। कोटा में अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ गया। कोटा के गुमानपुरा थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर महेंद्र उर्फ समीर कोटा के छावनी का निवासी है। महेंद्र ने शुरआत में छोटी-मोटी चोरियां की। धीरे-धीरे को हथियार सप्लाई करने लगा। हथियार सप्लाई के उसपर कई मामले दर्ज हैं। धीरे-धीरे उसके अपराध का ग्राफ बढ़ता चला गया।
चोरी-मारपीट के बाद जुर्म की संगीन दुनिया में चला गया महेंद्र
जयपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने महेंद्र उर्फ समीर पर 2 लाख रुपए का इनाम घोषित किया है। महेंद्र कोटा में छोटे-मोटे जुर्म करते-करते लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क तक पहुंच गया। दो साल में शेखावटी के अपराधियों से जुड़कर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हथियार तस्करी के नेटवर्क को संभालने लगा। आरोपी महेंद्र उर्फ समीर के खिलाफ कोटा के विभिन्न थानों में चोरी-मारपीट, लूट-डकैती की साजिश रचने, हत्या का प्रयास, अवैध शराब, आर्म्स एक्ट, अपराधियों को आश्रय देने जैसे 24 मामले दर्ज हैं। ये मामले 2008 से लेकर 2018 तक हैं। इसके बाद महेंद्र कोटा से फरार हो गया जो अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। 10 साल में उसने इतने अपराध किए कि गुमानपुरा थाना पुलिस ने उसे हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया और उसके ठिकानों पर कई बार दबिश दी लेकिन हाथ नहीं आया।
गुमानपुरा थाना क्षेत्र में महेंद्र उर्फ समीर पर 7 मामले दर्ज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा अपराध (Sukhdev Singh Gogamedi) उसने गुमानपुरा थाना क्षेत्र में ही किए। इस थाने में महेंद्र उर्फ समीर पर 7 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में से तीन में वो कोर्ट से दोषमुक्त हुआ, जबकि तीन मामले कोर्ट में पेंडिंग हैं। एक मामले में सजा भुगत चुका तो एक में डिस्चार्ज है। महावीर नगर में दो मामले दर्ज हैं। इन मामलों में से एक मामले में कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर बरी किया तो दूसरा मामला पेंडिंग चल रहा है। इसके अलावा उद्योग नगर में दो मामले दर्ज हुए, जिसमें एक में बरी हुआ तो एक पेंडिंग है। वो मकबरा के एक मामले में बरी हुआ था। नयापुरा और अनंतपुरा थानों में दर्ज मामलों में केस कोर्ट में पेंडिंग चल रहे हैं, ऐसे करके उसके खिलाफ कोटा में कुल 24 मामले हैं।