Jaipur: राजस्थान को परंपरागत (Rajasthan Election 2023) रूप से "दो दलीय राज्य" के रूप में जाना जाता है, जहां पिछले कुछ दशकों में सत्ता वैकल्पिक हाथों में स्थानांतरित होने की प्रवृत्ति देखी गई है। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को मतदान हुआ, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मतदान प्रतिशत 'उम्मीद से कहीं अधिक' था। चुनाव आयोग ने 74 प्रतिशत से अधिक मतदान की घोषणा की। हालांकि अंतिम आंकड़े अभी घोषित नहीं किए गए हैं, क्योंकि कई मतदान केंद्रों पर लोग रात 8 बजे के बाद भी लंबी कतारों में खड़े थे।
बीजेपी-कांग्रेस को पीछे छोड़ कोई दूसरी पार्टी होगी सत्ता पर काबिज?
जहां कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षक मतदान के प्रतिशत को देखते हुए बीजेपी की तरफ रुझान मान रहे हैं, वहीं इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि क्या बागी और बसपा, सपा और आप जैसी अन्य पार्टियां नतीजों में बदलाव ला सकती हैं? सूत्रों ने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की टीम के साथ-साथ पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का खेमा भी नतीजे का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
निर्दलीय विधायकों को एकजुट करने की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भंडारी (Rajasthan Election 2023) ने कहा, "कांग्रेस की सरकार बनी तो सीपी जोशी और बीजेपी की सरकार बनी तो सचिन पायलट को विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है।" आखिरकार, अब चर्चा इस बात की हो रही है कि "कौन बनेगा मुख्यमंत्री?" राजनीतिक नेताओं का कहना है कि अगर बीजेपी जीती तो गेंद पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के पाले में जा सकती है और उन्हें नेतृत्व करने का मौका दिया जा सकता है।
सपा ने भी राजस्थान में उतारे है अपने प्रत्याशी
ऐसे में पार्टी को मजबूत करने के लिए निर्दलीय समेत अन्य विधायकों को भी एकजुट किया जा सकता है। इस बीच, सूत्रों ने कहा कि सीएम गहलोत और उनकी टीम भी इसी तरह के संयोजन पर विचार कर रही है। राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए निर्दलीय बागियों और बसपा के विधायकों को एकजुट किया जा सकता है। पिछले दो कार्यकाल में बसपा के सभी छह विधायक दलबदलुओं की भूमिका निभाते हुए कांग्रेस में विलय कर चुके हैं। इसी तरह समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी इस बार राजस्थान में अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
राजस्थान में राज बदलेगा या रिवाज?
आम आदमी पार्टी (आप) ने अभी तक राज्य में खाता नहीं खोला है। शनिवार को कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ने उम्मीद जताई कि उनकी पार्टी सरकार बनाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विश्वास जताया कि कांग्रेस रेगिस्तानी राज्य में हर पांच साल बाद वैकल्पिक सरकार बनने की दशकों पुरानी प्रवृत्ति को खत्म कर देगी।
सीएम गहलोत ने किया ये बड़ा दावा
सीएम गहलोत (Rajasthan Election 2023) ने कहा, 'इस बार हम दोबारा सरकार बनाएंगे और ये तय है।' बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि 'आज लोग पूरे दिन लंबी लाइनों में खड़े रहे और कांग्रेस के कुशासन, जनविरोधी नीतियों और झूठी गारंटी के विरोध में मतदान किया।' चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नारायण पंचारिया ने कहा, "पिछले पांच वर्षों से राज्य में लोग परेशान हैं, जिस कारण लोगों में कांग्रेस सरकार के खिलाफ गुस्सा है।'