Jaipur: राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल (Rajasthan Cabinet Expansion) का विस्तार जल्द होगा। इसको लेकर राजभवन में तैयारियां शुरू हो गई है। मंगलवार या बुधवार को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। 15 से 17 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। सोमवार को मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा है। इससे पहले छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार हो चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि 1-2 दिन में राजस्थान में भी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।
'जल्द ही एक छोटा मंत्रिमंडल बनेगा'
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने भी रविवार को श्रीगंगानगर में मीडिया से कहा कि जल्द ही एक छोटा मंत्रिमंडल बनेगा। उसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार भी होगा। इसमें सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। ऐसे में मानकर चला जा रहा है कि सीएम भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल में 15 से 17 मंत्री बन सकते हैं। वहीं लोकसभा चुनावों के बाद एक बार फिर मंत्रिमंडल का विस्तार देखने को मिल सकता है।
केंद्रीय नेतृत्व से मिल चुकी है हरी झंडी
मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल नामों को लेकर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व (Rajasthan Cabinet Expansion) से सीएम शर्मा को हरी झंडी मिल चुकी है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सीएम के साथ ही दोनों उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा दो बार दिल्ली जा चुके हैं। माना जा रहा है कि 21 दिसंबर को सीएम शर्मा की पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों को फाइनल किया जा चुका है। ऐसे में अब किसी भी समय मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।
नए लोगों को मिल सकता है मौका
सीएम भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल में नए लोगों को मौका मिल सकता है। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में उन विधायकों को मौका दिया जा सकता है, जो अभी तक कभी मंत्री नहीं बने। हालांकि कुछ वरिष्ठ विधायकों को भी मंत्री बनाया जा सकता है। इनकी संख्या ज्यादा नहीं होगी। वहीं, लोकसभा चुनावों से पहले जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाकर मंत्रिमंडल में विधायकों को शामिल किया जाएगा। इससे पार्टी लोकसभा चुनावों में इसे भुना सके। ऐसे में माना जा रहा है कि शेखावाटी अंचल जहां बीजेपी की परफॉर्मेंस फिसड्डी रही है, वहां जीते हुए अधिकतर विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
ये हैं प्रबल दावेदार
पूर्वी राजस्थान के सबसे कद्दावर नेताओं में शामिल डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मंत्रिमंडल में शामिल होने की प्रबल संभावना है। वहीं, हिंदूवादी चेहरा और तिजारा से विधायक बाबा बालकनाथ भी भजनलाल मंत्रिमंडल का हिस्सा हो सकते हैं। महिला चेहरों में अनिता भदेल, दीप्ति माहेश्वरी और पहली बार विधायक बनीं नौक्षम चौधरी पर नजरें हैं।
ये नेता है मंत्रि पद की रेस में शामिल
वहीं, दलित वर्ग से जितेंद्र गोठवाल और वरिष्ठ विधायक मदन दिलावर भी मंत्री की जिम्मेदारी संभालते हुए नजर आ सकते हैं, जबकि राजपूत समाज से पुष्पेंद्र सिंह राणावत, सिद्धि कुमारी जैसे वरिष्ठ विधायकों के समर्थकों को उम्मीद है कि उनके नेता इस बार जरूर मंत्री बनेंगे। ब्राह्मण समाज को भी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के बाद समाज के एक-दो विधायक भी मंत्री बन सकते हैं। इसलिए संजय शर्मा, संदीप शर्मा, जेठानंद व्यास जैसे विधायक भी रेस में बने हुए हैं।
जाट समाज को मिलने वाले प्रतिनिधित्व
नए मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा नजरें जाट समाज को मिलने वाले प्रतिनिधित्व पर टिकी होंगी। क्योंकि मुख्यमंत्री, दो उप मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष जैसे एक भी पद पर जाट चेहरे को मौका नहीं दिया गया है। ऐसे में अब लोगों की नजरें इस पर टिकी है कि 12 जाट विधायकों में से कितने लोगों को मंत्री बनाया जाएगा।
15 दिसंबर को भजनलाल शर्मा ने ली थी CM पद की शपथ
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 15 दिसंबर को पद (Rajasthan Cabinet Expansion) और गोपनीयता की शपथ ली थी। उनके साथ ही दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने डिप्टी CM के रूप में शपथ ग्रहण की थी। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत बीजेपी शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए थे। शपथ लेने के बाद भजनलाल ने कहा था कि मैं भावुक और नतमस्तक हूं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का संकल्प सर्वोपरि है। राजस्थान को सर्वश्रेष्ठ, समृद्ध, और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।