Jaipur: कांग्रेस राज में एक और भर्ती पेपर लीक का (Paper Leak Case) मामला सामने आया है। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में तीन शहरों जयपुर, अजमेर और कोटा में हुई कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) भर्ती परीक्षा में एसओजी ने पेपर को लीक माना है। इस परीक्षा का पेपर आउट होने के पूरे सबूत अभ्यर्थियों ने दिए। जांच के बाद एसओजी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है।
जानें क्या है पूरा मामला?
इस संबंध में सुनीता सेन ने 20 फरवरी 2023 को एसओजी कार्यालय में जाकर परीक्षा के समय से पहले ही पेपर आ जाने की शिकायत की थी। जांच के दौरान राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर से लीक प्रश्न पत्र का मिलान करवाया गया। इसमें 89 प्रश्नों का मूल प्रश्न पत्र से मिलान होना पाया गया, 32 प्रश्नों में भिन्नता थी एक प्रश्न अस्पष्ट पाया गया। कई लोगों से पूछताछ के बाद जांच में सामने आया कि मोबाइल नम्बरों पर परीक्षा समय से पहले ही पेपर आ गया और कई लोगों को भेजा गया। इस प्रकार विनोद मीणा, पवन कुमार मीणा, प्रदीप कुमार चौधरी, मनोज कुमार मीणा, राजमल उर्फ राजवीर मीणा, विक्रम, कमल सिंह और अन्य व्यक्तियों ने साजिश से परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाकर 19 फरवरी 2023 को आयोजित हो रही सीएचओ भर्ती परीक्षा 2022 का प्रश्न पत्र परीक्षा समय से पहले उपलब्ध करवाया। गिरोह ने अभ्यर्थियों के साथ धोखाधड़ी की।
इन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
19 फरवरी 2023 को जयपुर, अजमेर और कोटा में सीएचओ (Paper Leak Case) भर्ती परीक्षा हुई थी। परीक्षा सुबह दस बजे होनी थी लेकिन परीक्षा का पेपर पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। पेपर कई अभ्यर्थियों के पास पहुंच गया था। एसओजी ने करौली निवासी विनोद मीणा, दौसा निवासी पवन कुमार, वैशाली नगर निवासी प्रदीप कुमार चौधरी, सवाईमाधोपुर निवासी मनोज कुमार मीणा, सूरवाल सवाईमाधोपुर निवासी राजमल उर्फ राजवीर, गंगापुर सिटी निवासी विक्रम मीणा और खेडली अलवरी निवासी कमल सिंह मीणा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।