गुजरात के मोरबी में रहती है विभूति पटेल
ये लड़की विभूति पटेल उर्फ रानीबा हैं। गुजरात के मोरबी में रहती हैं और फिलहाल फरार हैं। पुलिस की तीन टीमें उन्हें तलाश रही हैं। रानीबा पर अपनी कंपनी के एक्स एम्प्लॉई को पीटने और उसके मुंह में सैंडल ठूंसने का आरोप है। रानीबा का केक काटने वाला वीडियो 3 सितंबर 2022 का है। दलित एम्प्लॉई को पीटने की घटना के बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। रानीबा पटेल एक बड़ी सिरेमिक कंपनी की प्रमोटर बताई जा रही हैं। कंपनी का सालाना टर्नओवर 15 करोड़ रुपए से ज्यादा का है। हालांकि, सोशल मीडिया पर पोस्ट रानीबा के वीडियो कुछ और ही कहानी कहते हैं। ज्यादातर वीडियो में रानीबा ने खुद को लेडी डॉन की तरह पेश किया है।स्पोर्ट्स बाइक की सवारी करती है रानीबा
मोरबी शहर की बिजनेसवुमन विभूति सीतापरा उर्फ रानीबा पटेल खुद को आंत्रप्रेन्योर बताती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 23 हजार फॉलोअर्स हैं। हालांकि, अपने एम्प्लॉई को पीटने की घटना के बाद उन्होंने अपना अकाउंट लॉक कर दिया है। विभूति पटेल की गाड़ियों पर रानीबा लिखा रहता है। यही उनकी कंपनी का भी नाम है। इंस्टा अकाउंट पर पोस्ट ज्यादातर फोटो और वीडियो में रानीबा महंगी गाड़ियों के साथ दिखती हैं। बॉडीगार्ड लेकर चलती नजर आती हैं। स्पोर्ट्स बाइक की सवारी करती हैं। ज्यादातर वीडियोज में बैकग्राउंड में पंजाबी गाने सुनाई देते हैं। कुछ फोटो में वे तलवार और रिवॉल्वर के साथ भी दिख रही हैं।टाइल्स का कारोबार, सितंबर में सौराष्ट्र सम्मान मिला
टाइल्स के कारोबार से जुड़ी विभूति पटेल उर्फ रानीबा को सितंबर में सौराष्ट्र सम्मान मिला था। उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 15 करोड़ रुपए है। कारोबार में उनके भाई भी पार्टनर हैं। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, उसके प्रोडक्ट 37 देशों में सप्लाई होते हैं। वेबसाइट पर विभूति पटेल को फाउंडर और चेयरपर्सन बताया गया है। हालांकि विवाद के बाद उनकी कंपनी की ओर से कोई ऑफिशियल कमेंट नहीं आया है। विभूति पटेल की कंपनी विदेशों में टाइल्स एक्सपोर्ट करती है। उन्हें सौराष्ट्र सम्मान कामयाब बिजनेसवुमन होने की वजह से ही दिया गया था।इस घटना के बाद से फरार है रानीबा
रानीबा की तलाश में मोरबी पुलिस की टीम दो बार उनके ऑफिस गई। स्टाफ से भी पूछताछ की। मामले की जांच कर रहे डिप्टी SP पीए जाला ने बताया कि विक्टिम नीलेश दलसानिया विभूति बेन पटेल के ऑफिस में काम करते थे। उनकी 20 दिन की सैलरी बाकी थी। इसके लिए वे लगातार विभूति बेन को कॉन्टैक्ट कर रहे थे। वे बहाना बनाकर उन्हें टाल रही थीं। उन्होंने आगे बताया कि विक्टिम का आरोप है कि 22 नवंबर को रात 8 बजे पैसे देने के नाम पर उन्हें ऑफिस में बुलाया गया और फिर पिटाई की गई। इसी के आधार पर हमने केस दर्ज किया है। इसमें विभूति बेन के अलावा 5 नामजद आरोपी हैं। 8 अन्य के खिलाफ अज्ञात में केस दर्ज किया है। इस घटना के बाद से रानी बा फरार हैं।वकील बोले- रानीबा को पता नहीं था कि नीलेश दलित है
नीलेश को पीटने के मामले में रानीबा के अलावा उनकी कंपनी के कर्मचारी ओम पटेल, राज पटेल, परीक्षित, डीडी रबरी और 8 अन्य के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में हमने उनके वकील जयदीप पंचोतिया से बात की। वे कहते हैं, ‘रानीबा की कंपनी का सालाना टर्नओवर 15 करोड़ रुपए से ज्यादा है। FIR में उन पर लूट की धारा लगाई गई है, वो टिकती नहीं है।’‘रानीबा की कंपनी टाइल्स एक्सपोर्ट का काम करती है। वो बिजनेसवुमन हैं। कंपनी की चेयरपर्सन हैं। वे कैसे लूट कर सकती हैं। इसी को आधार बनाकर हम हाईकोर्ट में FIR रद्द करने की याचिका लगाने वाले है। ये धारा सिर्फ उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगाई है। इसके अलावा लगी धाराओं में 7 साल से कम सजा का प्रावधान है। ऐसे में कोर्ट के आदेश के बिना उन्हें अरेस्ट नहीं किया जा सकता था।’
जयदीप पंचोतिया कहते हैं, ‘मेरी क्लाइंट पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है, वो भी गलत है। उन्हें पता ही नहीं था कि वो शख्स दलित है। उसका सरनेम 'दलसानिया' है। ये सरनेम जनरल और OBC कैटेगरी के लोग भी लगाते हैं। उनकी कंपनी में सिर्फ योग्यता देखकर नौकरी दी जाती है, किसी की कास्ट और धर्म देखकर नहीं।’
केक काटने वाली तलवार असली या नकली, इसकी जांच हो
रानीबा का तलवार से केक काटने का वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट raniba_07 पर अपलोड किया गया था। ये वीडियो एक साल पुराना है। 26 नवंबर को मोरबी साइबर सेल ने रानीबा के खिलाफ गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 268, 290, 135 और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया है। इस वीडियो पर जयदीप पंचोतिया कहते हैं, ‘मेरी क्लाइंट कानून को मानने वाली नागरिक हैं। हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि हमें जल्द न्याय मिलेगा। वायरल वीडियो काफी पुराना है और उनके फार्म हाउस का है। इसमें दिख रही तलवार ओरिजिनल है या डुप्लीकेट, इसकी जांच होनी चाहिए थी। इसके बाद ही केस दर्ज होना चाहिए था।’ वीडियो में विभूति पटेल तलवार से केक काटती दिख रही हैं। इसी वजह से उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।रानीबा की BJP नेता के साथ फोटो
नीलेश की पिटाई का आरोप लगने के बाद सोशल मीडिया पर रानीबा और BJP की महिला मोर्चा अध्यक्ष दीपिका सरदवा की फोटो वायरल हो रही है। इसमें रानीबा भगवा रंग का स्कार्फ डालकर सोफे पर बैठी हैं। विभूति पटेल उर्फ रानीबा की BJP महिला मोर्चा अध्यक्ष दीपिका सरदवा के साथ ये फोटो वायरल हो रही है।कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने 25 नवंबर को सोशल मीडिया पर लिखा कि जिस विभूति पटेल ने दलित युवक को जूता चटवाया, वो BJP कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में दलितों पर अत्याचार के मामलों में सजा की दर 36% है, यानी 100 मामलों में से सिर्फ 36 में ही सजा हो पाती है। गुजरात में ऐसे मामलों में सजा की दर सिर्फ 5% है।
अब दलित एम्प्लॉई नीलेश की कहानी
सैलरी के 12 हजार रुपए नहीं मिले थे, लेने गए तो बुरी तरह पीटा- मोरबी के जनरल हॉस्पिटल में एडमिट 21 साल के नीलेश दलसानिया पूरा वाकया सुनाते हैं। कहते हैं, ‘मैं रानी बा इंडस्ट्रीज में मार्केटिंग का काम करता था। 18 अक्टूबर तक काम किया। फिर घर में कुछ दिक्कतें थीं, इसलिए नौकरी छोड़ दी। मैं अक्टूबर के 15 दिन की सैलरी का इंतजार कर रहा था। पे-रोल के मुताबिक, 15 दिन की मेरी सैलरी 12 हजार रुपए बनती है।'‘कंपनी हर 5 तारीख को स्टाफ को सैलरी देती है। सैलरी नहीं आई तो मैंने 6 नवंबर को कंपनी की मालकिन विभूति पटेल को फोन करके इस बारे में बताया। उन्होंने बात टाल दी। डेढ़ महीने हो गए, तब भी अकाउंट में सैलरी नहीं आई, तो कंपनी में फोन किया।’
‘अफसरों ने कहा कि पैसे लेने ऑफिस आ जाओ। मैं 22 नवंबर को ऑफिस पहुंचा, तो 5 कर्मचारियों ने मुझे पकड़ा और छत पर ले गए। सभी ने मुझे लात-घूंसों और बेल्ट से मारा। मुझे पीटने का वीडियो भी बनाया। उन लोगों ने मुझे आधे घंटे तक पीटा।’
‘पिटाई के दौरान विभूति पटेल भी वहीं खड़ी थीं। उन्होंने मुझसे पहले अपनी सैंडल मुंह से उठाने और माफी मांगने के लिए कहा। मैंने ऐसा नहीं किया तो जबरन मेरे मुंह में सैंडल ठूंस दी। रानीबा ने मुझे गालियां भी दीं। पिटाई से मैं बेहोश हो गया। इसके बाद उन लोगों ने मुझे कंपनी के गेट पर फेंक दिया। मेरा साथी मुझे अस्पताल ले गया।’