Jaipur: राजस्थान में सीएम के नाम की घोषणा (Vasundhara Raje) के कयासों के बीच दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पर रात करीब 8 बजे पहुंचीं थी। इस दौरान सवा घंटे तक दोनों के बीच चर्चा चली। वहीं प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी भी आज दिल्ली पहुंच गए हैं। इधर, नड्डा से मुलाकात के बाद राजे ने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की।
राजस्थान के लिए दो ऑब्जर्वर की होगी नियुक्ति
बताया जा रहा है कि राजस्थान के लिए दो ऑब्जर्वर की नियुक्ति होगी। इनमें एक केंद्रीय मंत्री और एक संगठन के पदाधिकारी को शामिल किया जाएगा। इस मुलाकात के बाद ये दावा किया जा रहा है कि शुक्रवार तक राजस्थान के नए सीएम फैसले को लेकर ऑब्जर्वर नियुक्त किए जा सकते हैं। उधर, बीजेपी सांसद दुष्यंत सिंह के कहने पर बाड़ेबंदी करने के ललित मीणा के पिता हेमराज मीणा के आरोप को बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा ने गलत बताया है। कंवरलाल मीणा ने कहा- किशनगंज विधायक ललित मीणा के पिता हेमराज मीणा ने जो आरोप लगाए हैं, वह सरासर गलत हैं। हम सब झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र के विधायक हैं। जीतने के बाद विधायक ललित मीणा सहित आरएसएस व भाजपा कार्यालय बारां गए थे। सुबह 6 बजे अपने-अपने घरों से हम सब गाड़ियों से जयपुर आए थे। आपसी सहमति से एक साथ होटल में रुके थे। बाड़ेबंदी जैसी बात कहना शरारतपूर्ण है। गलत है।
पूर्व सीएम के साथ दुष्यंत सिंह भी मिलने पहुंचे
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे रात करीब 8 बजकर 7 मिनट (Vasundhara Raje) पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंची थीं। इस दौरान उनके बेटे और सांसद दुष्यंत सिंह भी मौजूद थे। इधर, गुरुवार को दिनभर बाड़ेबंदी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। इस मामले को लेकर प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा- होटल वगैरह की बात मुझे नहीं पता, लेकिन यह सच है कि ललित मीणा के पिता से मंगलवार शाम मेरी मुलाकात हुई थी। मैं पिछले 24 घंटे में 32 से अधिक विधायकों से मिला था। प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने कहा- मुझे ध्यान नहीं है और यह कोई खास बात नहीं है। यह जरूर कहूंगा कि कार्यकर्ताओं और विधायकों के लिए पार्टी कार्यालय मंदिर की तरह है और यहां आस्था रखी जानी चाहिए।
70 से अधिक विधायकों का किया था दावा
भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के साथ ही 4 दिसंबर से सीएम पद को लेकर हलचल तेज हो गई थी। 40 से ज्यादा विधायक सोमवार और मंगलवार को पूर्व सीएम वसुंधरा राजे से मिलने पहुंचे थे। दावा किया गया था कि 75 से अधिक विधायक मिलने आए थे। इधर, प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी से भी करीब 30 से ज्यादा विधायक मिलने पहुंचे थे। हालांकि बुधवार से ही विधायकों की मुलाकात का दौर खत्म हो गया था।
विधायक बने सभी सांसदों का इस्तीफा हो चुका
विधायक बने भाजपा के चारों सांसदों का इस्तीफा हो चुका है। इनमें दीया कुमारी, किरोड़ीलाल मीणा, महंत बालकनाथ और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ शामिल हैं।
राजस्थान में पहली बार सीएम फेस को लेकर इतना संशय
राजस्थान बीजेपी में यह पहला मौका है, जब मुख्यमंत्री (Vasundhara Raje) को लेकर असमंजस बना हुआ है। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। बीजेपी मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करके ही चुनाव लड़ती रही है, इसलिए कभी नतीजे आने के बाद असमंजस नहीं हुआ। पहले भैरोंसिंह शेखावत बीजेपी के सीएम चेहरे हुआ करते थे। 2003, 2008, 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में वसुंधरा राजे पहले से सीएम चेहरा घोषित थीं, इसलिए असमंजस नहीं हुआ था। 2003 और 2013 में वसुंधरा राजे का पहले से ही सीएम बनना तय था, इसलिए नतीजे आने के बाद ही सीएम की शपथ का टाइम तय हो जाता था, विधायक दल की बैठक में नाम की घोषणा केवल औपचारिकता ही रहती थी। दोनों ही बार वसुंधरा राजे ने 13 दिसंबर को शपथ ली थी।