Jaipur: चुनाव हारने के बाद भी कांग्रेस की (Rajasthan News) आपसी कलह खत्म नहीं हो रही है। जयपुर शहर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आरआर तिवारी ने विधानसभा चुनावों में जयपुर के कांग्रेस नेताओं पर भितरघात करके पार्टी उम्मीदवारों को हराने का आरोप लगाया है। आरआर तिवारी ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को जयचंद तक कह दिया और इनसे सावधान रहने की सलाह दी। जयपुर शहर कांग्रेस कार्यालय में गणतंत्र दिवस के मौके पर हुए कार्यक्रम में तिवारी ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को जमकर खरी खोटी सुनाई। गौरतलब है कि आरआर तिवारी खुद हवा महल विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी थे। वे भाजपा के बालमुकुंदाचार्य से हार गए थे।
क्या बोले आरआर तिवारी?
आरआर तिवारी ने कहा- हम राजधानी के कार्यकर्ता हैं, हमें बहुत सी बातें सोचनी पड़ेगी। हार और जीत चलती रहती है, सरकारें बदलती रहती हैं। 8 सीटों में से हमारे 2 साथी जीत कर आए। हम 6 साथी हार गए, लेकिन हम हारे नहीं हैं, हमें हमारे ही साथियों ने हराया है। यह बात आप कान खेलकर सुन लीजिए हम 6 साथियों को हरवाने में हमारे ही लोगों का हाथ है। हमें बगल में खड़े जयचंदों से बचना पड़ेगा। हमें इसका प्रण करना पड़ेगा कि सरकार बने या न बने, संगठन की ताकत रहनी चाहिए। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आरआर तिवारी ने विधानसभा चुनावों में जयपुर के कांग्रेस नेताओं पर भितरघात करके पार्टी उम्मीदवारों को हराने का आरोप लगाया।
'जयचंद किसी भी दल में हों, वो पार्टी...'
तिवारी ने कहा- जयचंद किसी भी दल में हों, वो पार्टी आगे नहीं (Rajasthan News) बढ़ सकती। सत्ता में तो आ जाओगे, लेकिन जयचंदों से कैसे बचोगे? हम सब लोग संकल्प लें कि मेरी पार्टी में जो जयचंद जो हमारे ही साथी को चुनाव हरवाते हैं, चाहे वह वार्ड का चुनाव हो, चाहे विधानसभा का चुनाव हो, लोकसभा का चुनाव हो। आने वाले लोकसभा के चुनाव में इन जयचंदों से बचना पड़ेगा।
'ये लोग काम नहीं करते...'
तिवारी ने कहा- ये लोग काम नहीं करते हैं, केवल फोटो खिंचाने के लिए आते हैं और फोटो खिंचवाकर बड़े नेता बन जाते हैं। मैं मानता हूं कि यह कड़वी बात है, लेकिन सच्चाई है। तीन महीने के बाद राजधानी में लोकसभा का चुनाव होने वाला है। हम संकल्प लें कि पार्टी जिसको भी टिकट देगी, हम पूरी ताकत से उसे जिताएंगे।
आरआर तिवारी को हवामहल सीट से बनाया उम्मीदवार
कांग्रेस ने पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी का टिकट काटकर आरआर तिवारी को हवामहल सीट से उम्मीदवार बनाया था। आरआर तिवारी बीजेपी के बालमुकंद आचार्य से मामूली अंतर से आखिरी राउंड में चुनाव हार गए थे। 18 राउंड की काउंटिंग में 17 राउंड में आरआर तिवारी आगे थे, लेकिन आखिरी राउंड में बालमुकुंद आचार्य को बड़ी लीड मिली और वे जीत गए। पूर्व मंत्री महेश जोशी का टिकट काटकर इस सीट पर तिवारी को देने के बाद से खेमेबंदी हो गई थी। इस खेमेबंदी को हार का कारण माना गया।
जिलाध्यक्ष तिवारी के बयान के सियासी मायने
आरआर तिवारी जयपुर शहर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हैं, ऐसे में उनका बयान कांग्रेस (Rajasthan News) संगठन का बयान है। इसे पार्टी में कलह और भितरघात को संगठन के स्तर पर स्वीकार करने से जोड़कर देखा जा रहा है। तिवारी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी और उनके समर्थक नेताओं की मौजूदगी में यह बात कहकर सियासी चर्चाएं छेड़ दी हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन जयपुर कांग्रेस की सियासत के जानकार इशारों में सब समझ गए। इसे राजधानी की कांग्रेस सियासत में नई कलह की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है। लोकसभा चुनाव के टिकट वितरण से ठीक पहले यह बयान कई सियासी इशारे भी कर रहा है।