बांसवाड़ा: राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज दोपहर राजस्थान में प्रवेश कर गई। यात्रा ने रतलाम (मध्य प्रदेश) के सैलाना से बांसवाड़ा के दानपुर में एंट्री ली। राहुल राजस्थान के बॉर्डर तक खुली जीप में पहुंचे। यहां से वे जीप में ही बांसवाड़ा शहर आए। यहां करीब 20 मिनट तक रोड शो के बाद गोविंद गुरु सरकारी कॉलेज के खेल मैदान में जनसभा में राहुल ने कहा- दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक युवा कुली मिला। उसने मुझे बताया- मैं सिविल इंजीनियर हूं और कुली का काम कर रहा हूं। आज मैं आपको बताना चाहता हूं कि सरकार में आने के बाद हमारा पहला काम होगा वंचित वर्ग को 30 लाख नौकरी देना। राहुल ने हर ग्रेजुएट युवा को ट्रेनिंग और हर साल एक लाख रुपए देने की बात भी कही।
जनसभा को किया संबोधित
इससे पहले जनसभा में हल देकर राहुल का स्वागत किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हाल ही में भाजपा में शामिल हुए महेंद्रजीत सिंह मालवीय पर निशाना साधा। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा केवल मेवा खाने के लिए बैठी है। ये हर समय परिवारवाद-परिवारवाद करते हैं, लेकिन ये नहीं बताते इन्होंने 10 साल में क्या किया। इससे पहले न्याय यात्रा का बांसवाड़ा शहर में तीन जगह स्वागत हुआ। राहुल की न्याय यात्रा आज शाम को गुजरात में एंट्री करेगी।
राहुल बोले- पेपर लीक किया तो कड़ी कार्रवाई होगी
पेपर लीक पर राहुल बोले- एग्जाम के दिन पता लगता है कि पेपर लीक हो गया। जिनके पास धन है, वे पेपर चुरा लेते हैं। और, हमें कहा जाता है कि पेपर लीक हो गया। अब आपको नौकरी नहीं मिलेगी। ऐसा सभी भर्तियों में होता है। हम पेपर लीक के खिलाफ कानून लाएंगे। इसमें हम एग्जाम दिलवाने का तरीका बदलेंगे। प्राइवेट कंपनियों के ठेके बंद कर सरकारी एजेंसी को प्राथमिकता देंगे। यदि इसके बाद भी पेपर लीक हो गया तो कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
'राष्ट्रपति को सीधा मैसेज, आप आदिवासी हैं, अंदर नहीं आ सकतीं'
राहुल गांधी बोले- किसानों ने अपनी (Rahul Gandhi) बात रखी और हमने अपने घोषणा पत्र में क्रांतिकारी काम किया है। पहली बार उन्हें लीगल एमएसपी मिलना चाहिए। जो किसान दिल्ली की ओर जा रहे हैं, उनकी मांग हमने घोषणा पत्र में पूरी कर दी है। जाति जनगणना को लेकर राहुल बोले- हम हिंदुस्तान की संस्थाओं, बजट और धन को देखें तो गरीब और दलित वर्ग के लोगों की भागीदारी कम है। आदिवासी वर्ग है यहां पर। राष्ट्रपति आदिवासी हैं। राम मंदिर का उद्घाटन हुआ, लेकिन आपने टीवी पर उनका चेहरा देखा क्या। क्योंकि वो आदिवासी हैं। सीधा मैसेज दिया गया कि आप कुछ भी हों, आप आदिवासी हैं, आप अंदर नहीं आ सकतीं।