Jaipur: राजस्थान के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में स्टूडेंट्स (Rajasthan News) पढ़ने के साथ अब योग अभ्यास भी करेंगे। प्रदेश की भजनलाल सरकार ने मंगलवार देर रात इसके आदेश जारी किए हैं। इसके तहत सूर्य सप्तमी (15 फरवरी) से प्रदेश के सभी स्कूलों में स्टूडेंट्स से सूर्य नमस्कार करवाया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले स्कूल में तैनात टीचर्स को योग टीचर्स से ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। वहीं, इसके बाद स्टूडेंट्स, टीचर्स , पेरेंट्स के साथ आम जनता और जनप्रतिनिधि मिलकर इस अभियान की शुरुआत करेंगे। ताकि यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बन सके।
सूर्य सप्तमी से सूर्य नमस्कार कराने की तैयारी शुरू
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आदेश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष मोदी ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में सूर्य सप्तमी से सूर्य नमस्कार कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सभी सरकारी स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया जाएगा।
योग अभ्यास की व्यवस्था की जाएगी
प्रदेशभर में सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते समय स्कूलों में लड़कों (Rajasthan News) और लड़कियों के लिए अलग - अलग योग अभ्यास की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान कोई भी स्टूडेंट्स गलत तरीके से योग न करें। इसे ध्यान में रखने के लिए एक्सपर्ट द्वारा सबसे पहले स्कूल टीचर्स को ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। ताकि वह स्टूडेंट्स को सही योग क्रिया सीखा सके।
वर्ल्ड रिकार्ड के लिए भी भेजा जाएगा
राजस्थान में शिक्षा विभाग द्वारा 15 फरवरी (सूर्य सप्तमी) से अभियान की शुरुवात की जाएगी। इसमें स्टूडेंस के साथ टीचर्स, पेरेंट्स, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम जनता भी शामिल होगी। जिसे वर्ल्ड रिकार्ड के लिए भी भेजा जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा योग अभ्यास करने वाले स्टूडेंट, टीचर्स, पेरेंट्स, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम जनता सभी लोगों की जानकारी शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से उसी दिन 2 बजे दर्ज की जाएगी।
क्या बोले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर?
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सुबह की प्रार्थना (Rajasthan News) में कम से कम 15 सूर्य नमस्कार का अभ्यास रोज एक स्टूडेंट को करना चाहिए। क्यों कि सूर्य के प्रकाश से ही हम सब कुछ कर पा रहे हैं। इस प्रकार सूर्य सप्तमी पर एक बड़ा कार्यक्रम भी होगा। लोगों में व्यायाम करने की रुचि भी रहेगी। एक बार पहले 15 फरवरी तक सूर्य नमस्कार करना अनिवार्य रखेंगे। जब एक बार छात्रों कि व्यायाम करने की आदत बन जाएगी। तब वह अपने आप ही स्कूलों में सूर्य नमस्कार कर सकेंगे।
पूर्व बीजेपी सरकार के कार्यकाल में भी किया गया अनिवार्य
बता दें कि पूर्व वसुंधरा (बीजेपी) सरकार के कार्यकाल के दौरान भी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में सूर्य नमस्कार को आनिवार्य घोषित किया गया था। उस वक्त भी सुबह प्रार्थना के बाद स्टूडेंट्स द्वारा सूर्य नमस्कार और योग करना अनिवार्य करने के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन तब कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था।