Jaipur: मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान विधानसभा (Ashok Gehlot) का नेता प्रतिपक्ष नियुक्ति की घोषणा की। अलवर ग्राणीण क्षेत्र से विधायक टीका राम जूली को पार्टी ने यह जिम्मेदारी सौंपी है। जबकि प्रदेशध्यक्ष को लेकर पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव तक गोविंद सिंह डोटासरा पर ही भरोसा जताया है। नेता प्रतिपक्ष पद के लिए टीकाराम जूली के नाम की घोषणा के बाद उनके समर्थकों एवं परिजनों में उत्साह है।
अशोक गहलोत ने टीकाराम जूली को दी शुभकामनाएं
कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने टीकाराम को इसके लिए शुभकामानाएं भेजी है। वहीं बुधवार (17 जनवरी) को पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी इस नियुक्ति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इस पद के लिए टीकाराम जूली का स्वागत किया और शुभकामानाएं दी, साथ ही उन्होंने कहा कि उम्मीद करता हूं की वह इसकी भूमिका शानदार तरीके से निभाएंगे।
कुछ ही समय में आपराधिक घटनाएं बढ़ी
पूर्व सीएम ने आगे मौजूदा बीजेपी सरकार (Ashok Gehlot) को लेकर भी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा कि राज्य में नई सरकार के गठन के एक महीने के भीतर ही यह कहा जाने लगा है कि मौजूदा सरकार अच्छी नहीं है। साथ ही पूर्व सीएम ने कहा कि जिस तरह से मंत्रिमंडल गठन और पोर्टफोलियो आवंटन में देरी हुई उससे राजस्थान की जनता का नुकसान हुआ... कुछ ही समय में राज्य में बलात्कार, हत्या, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की कई घटनाएं हुई हैं।
नई सरकार को लेकर क्या बोले पूर्व सीएम गहलोत?
पूर्व सीएम ने कणकपूर उपचुनाव का जिक्र कर कहा कि बीजेपी सरकार ने जीतने के लिए जिस तरह से रातों- रात अपने उम्मीदवार को मंत्री बनाया, वह कहीं से भी उचित नहीं था, हालांकि इसके बावजूद मूंह की खानी पड़ी। गहलोत ने कहा, "अयोध्या मंदिर के उद्घाटन का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि उद्घाटन को लेकर जो माहौल बनाया जा रहा है और उस पर उनके (बीजेपी) द्वारा की जा रही राजनीति अच्छी नहीं है..."
गहलोत की जनता से अपील
अंत में उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों हमें विपक्ष (Ashok Gehlot) की भूमिका दी है, हम इसका निर्वहन करेंगे। उन्होंने राजस्थान वासियों से अपील करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा कोई भी तकलीफ हो, जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जाए, तो उनके दरवाजे हमेशा प्रदेशवासियों के लिए खुले हैं।