आंधप्रदेश में बहुतायात से होने वाले चंदन के पेड़ अब मारवाड़ में भी लहलहा सकेंगे। शुष्क वन अनुसंधान संस्थान ने यहां चंदन के पेड़ की उपस्थिति पर रिसर्च पूरा कर लिया है। इसी के साथ चंदन के पौधे किसानों को वितरित किए जा रहे हैं। चंदन यहां लग तो जाएगा, लेकिन इसकी खुशबू कितनी और कब आएगी, इसको लेकर अभी पता नहीं है। किसानों की ओर से लगाए गए चंदन के पौधों पर पांच से दस साल के दौरान इसकी खुशबू के बारे में पता चलेगा। वैज्ञानिक इस पर रिसर्च कर रहे हैं।
आंधप्रदेश में बहुतायात से होने वाले चंदन के पेड़ अब मारवाड़ में भी लहलहा सकेंगे। शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) ने यहां चंदन के पेड़ की उपस्थिति पर रिसर्च पूरा कर लिया है।