Jaipur: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की वर्तमान कार्यकारिणी (Rajasthan News) ने 9 मार्च को जनरल बॉडी मीटिंग (AGM) बुलाई है। इसमें प्रदेश के सभी जिला संघों के सचिव शामिल होंगे। इस बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के साथ ही सरकार के सामने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के पक्ष रखने पर मंथन किया जाएगा। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सेक्रेटरी भवानी सामोता ने प्रदेश के सभी जिला संघों के सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि 9 मार्च के दिन दोपहर 1 बजे जयपुर के केएल. सैनी स्टेडियम में जनरल बॉडी मीटिंग आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। आप सभी से अनुरोध है कि समय पर पहुंचे।
मंत्री के बेटे बन सकते हैं RCA कार्यकारी के अध्यक्ष
सूत्रों ने अनुसार राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की 9 मार्च को होने वाली बैठक में नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष धनंजय सिंह खींवसर को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव लाया जाएगा। इस पर सर्वसम्मति से सभी जिला संघ के सचिव समर्थन देंगे। इसके बाद इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबले राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की देखरेख में करने की मांग की जाएगी। बता दें कि धनंजय सिंह खींवसर नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं। वह राजस्थान सरकार के हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे भी हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार के स्तर पर सहमति बनने के बाद ही धनंजय के नाम को आगे लाया गया है।
सहकारिता विभाग कर रहा जांच
वहीं, दूसरी तरफ सहकारिता विभाग राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (Rajasthan News) के बकाया और खेल परिषद के साथ हुए एमओयू को लेकर जांच कर रहा है। सहकारिता विभाग के पास ही खेल संघों के चुनाव करने की प्रक्रिया है। ऐसे में मौजूदा अध्यक्ष नहीं होने के बाद सहकारिता विभाग कमेटी बनाकर सरकार के पास पूरी पावर लेने की तैयारी कर रहा था। इसकी सुनवाई 12 मार्च को होगी। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी और जिला संघों के सचिव सरकार को पावर नहीं देना चाहते हैं। ऐसे में जल्दी ही कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। दरअसल, कार्यकारी अध्यक्ष बनने से कार्यकारिणी भंग नहीं होगी। क्योंकि धनंजय सिंह राजस्थान सरकार के हेल्थ मिनिस्टर के बेटे हैं। ऐसे में सरकार के दखल से सहकारिता विभाग राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यकारिणी को भंग नहीं करेगा।
22 फरवरी को खत्म हुआ MOU
दरअसल, 22 फरवरी को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन और खेल परिषद के बीच सवाई मानसिंह स्टेडियम को लेकर हुआ MOU खत्म हो गया था। इसके बाद 23 फरवरी के दिन खेल परिषद में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से सवाई मानसिंह स्टेडियम का कब्जा ले लिया। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के दफ्तर को सील कर दिया था। इसके बाद प्रदेश के 33 जिला क्रिकेट संघों ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव गहलोत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी थी। इसकी भनक लगते ही वैभव गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
वैभव गहलोत दे चुके हैं इस्तीफा
वैभव गहलोत के इस्तीफे के बाद जिला संघों ने एक बार फिर कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी। ताकि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की देखरेख में ही जयपुर में इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबले आयोजित हो सके। लेकिन जिला संघों में एक नाम को लेकर सर्वसम्मति नहीं बन पाई। इसके बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने खेल परिषद को जयपुर में इंडियन प्रीमियर लीग के तीन मुकाबला कराने की जिम्मेदारी दी है। वहीं अब जब सरकार द्वारा राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यकारणी को भंग करने की तैयारी की जा रही थी।