Jaipur: पूर्व शिक्षा मंत्री और अजमेर उत्तर से बीजेपी विधायक (Rajasthan Assembly Session) वासुदेव देवनानी आज निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए। देवनानी को स्पीकर चुनने के लिए विधानसभा में विरोधी माने जाने वाले नेता भी एक-दूसरे के प्रस्ताव का समर्थन करते दिखे। देवनानी को स्पीकर चुनने के लिए सबसे पहले सीएम भजनलाल शर्मा प्रस्ताव रखा। इसके बाद पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, डिप्टी सीएम दीया कुमारी और रालोपा विधायक हनुमान बेनीवाल ने प्रस्ताव रखा। राजस्थान विधानसभा में स्पीकर का चुनाव सर्वसम्मति से करवाने की परंपरा रही है। स्पीकर पद पर चुनाव के लिए नामांकन भरा जाता है, लेकिन विपक्ष में कोई नामांकन दाखिल नहीं करता। इसलिए सर्वसम्मति से बिना वोटिंग स्पीकर चुने जाते रहे हैं। इस बार भी उसी परंपरा को निभाया गया।
देवनानी के सामने किसी ने नामांकन नहीं भरा
वासुदेव देवनानी ने 20 दिसंबर को स्पीकर के चुनाव के लिए नामांकन भरा था। देवनानी ने पांच नामांकन भरे, जिन्हें विपक्ष के वरिष्ठ विधायकों ने समर्थन दिया। विपक्ष के विधायक देवनानी के प्रस्तावक और समर्थक बने थे।
पायलट ने किया सीएम भजनलाल के प्रस्ताव का समर्थन
विधानसभा में स्पीकर के चुनाव के दौरान पक्ष और विपक्ष (Rajasthan Assembly Session) में सामंजस्य का रोचक उदाहरण देखने को मिला। जब एक दूसरे के विरोधी माने जाने वाले नेता स्पीकर चुनने के लिए एक दूसरे के प्रस्ताव का समर्थन करते दिखे। सबसे पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने वासुदेव देवनानी को विधानसभा स्पीकर चुने जाने का प्रस्ताव रखा। इसका सचिन पायलट ने समर्थन किया। इसके बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत दूसरा प्रस्ताव रखा, जिसका कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने समर्थन किया। देवनानी को स्पीकर चुनने का तीसरा प्रस्ताव वसुंधरा राजे ने रखा। इसका बीएपी विधायक राजकुमार रोत ने समर्थन किया। चौथा प्रस्ताव डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने रखा। इसका चित्तौड़गढ़ से निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने समर्थन किया। पांचवां प्रस्ताव आरएलपी विधायक हनुमान बेनीवाल ने रखा, जिसका आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग ने समर्थन किया।
मालवीय और जगत सिंह को छोड़ सभी विधायकों ने शपथ ली
इससे पहले 2:30 बजे से विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। दो विधायकों के अलावा सभी नए विधायकों की शपथ पूरी हो गई है। नदबई से बीजेपी विधायक जगत सिंह और बागीदौरा से कांग्रेस विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय को छोड़कर सभी विधायकों ने शपथ ले ली है। आज छह विधायकों ने शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सराफ ने वैर से बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली, तिजारा से बीजेपी विधायक महंत बालकनाथ, बांदीकुई से बीजेपी विधायक भागचंद टाकड़ा, निम्बाहेड़ा से बीजेपी विधायक श्रीचंद कृपलानी, मसूदा से बीजेपी विधायक विरेंद्र सिंह और रायसिंह नगर से कांग्रेस विधायक सोहनलाल नायक को शपथ दिलाई। 6 विधायकों को शपथ दिलाने के बाद सदन की कार्यवाही 2:38 बजे से 3:30 बजे तक स्थगित की गई। 3:30 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई।
बीजेपी के जाट विधायकों ने किया प्रदर्शन
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री करने के विरोध में आज विधानसभा के बाहर बीजेपी के जाट विधायकों ने प्रदर्शन किया। विधायकों ने टीएमसी सांसद बनर्जी और राहुल गांधी का पुतला फूंका। विराटनगर से भाजपा विधायक कुलदीप धनकड़ ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने किसान समुदाय का अपमान किया है। जिसका खामियाजा आने वाले चुनावों में उठाना पड़ेगा। प्रदर्शन में निर्दलीय विधायक प्रियंका चौधरी भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का अपमान कोई नहीं सहेगा। प्रदर्शन में विधायक अरुण चौधरी, रामस्वरूप लांबा, सुमित गोदारा, भैराराम सियोल, हरलाल सहारण, शैलेश सिंह, झाबर सिंह खर्रा, प्रियंका चौधरी और राजपूत समाज से आने वाले विधायक हमीर सिंह भायल शामिल रहे।
कृपलानी के सांसदों के निलंबन से जुड़े कमेंट पर कांग्रेस का हंगामा
विधानसभा में शपथ के समय निम्बाहेड़ा से बीजेपी विधायक श्रीचंद कृपलानी (Rajasthan Assembly Session) के सांसदों के निलंबन से जुड़े कमेंट पर हंगामा हो गया। कृपलानी ने 20 दिसंबर को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर आपत्ति जताते हुए सांसदों के निलंबन को सही ठहराते हुए कमेंट शुरू कर दिए। इस पर कांग्रेस विधायक जुबेर खान सहित कई विधायकों ने आपत्ति जताई। कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। बाद में प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सराफ ने शपथ के अलावा बोले गए सभी शब्द कार्यवाही से निकालने के आदेश दिए तब जाकर कांग्रेस विधायक शांत हुए। विधायकों की शपथ के बाद सदन की कार्यवाही 3:10 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।