Jaipur: विधानसभा में शुक्रवार को राज्यपाल कलराज मिश्र के (Rajasthan Assembly) अभिभाषण को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने हैं। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्यपाल ने आज संवैधानिक परम्पराओं और अपन पद का मान-सम्मान नहीं रखा। राज्यपाल ने दिल्ली से पर्ची सरकार के लिए जो छपकर आया, उसे पढ़ दिया।
गृह राज्यमंत्री बेढ़म ने कांग्रेस पर साधा निशाना
इसके जवाब में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि राज्यपाल कलराज मिश्र ने अभिभाषण में सच्चाई बयां की है। पिछली सरकार में जिस तरह से आमजन पर अत्याचार बढ़ें, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण चरम सीमा पर था। कांग्रेस सरकार ने जनता को गुमराह करने के अलावा कुछ और नहीं किया। कांग्रेस की आदत है कि वह हमेशा अपने काले कारनामों को ढकने का प्रयास करती है।
प्रदेश में पर्ची से मुख्यमंत्री बने हैं- डोटासरा
पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रदेश (Rajasthan Assembly) में पर्ची से मुख्यमंत्री बने हैं, उनका कोई विजन नहीं हैं। अभिभाषण दिल्ली से छपकर 18 जनवरी को आया। उस पर कैबिनेट का ठप्पा लगाया गया और आज राज्यपाल से पढ़वा दिया। कल किसी मंत्री से पढ़वा देंगे। इनका अपना कोई विजन नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने भी राज्यपाल के अभिभाषण पर साधा निशाना
अभिभाषण को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि परम्परा है कि राज्यपाल कैबिनेट का लिखा पढ़ते हैं, लेकिन उन्हें भी थोड़ा विवेक लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्ची की ढीली सरकार चल रही हैं। इनकी 100 दिन की कार्ययोजना के 50 दिन तो निकल चुके हैं, लेकिन प्रदेश में काम कुछ नहीं हुआ।
मंत्री बेढ़म ने धारीवाल को लेकर कही ये बात
मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि पूर्व मंत्री शांति धारीवाल (Rajasthan Assembly) ने जिंदा रहते हुए अपनी मूर्ति लगवा दी। हमारे यहां महापुरुषों की मूर्ति लगाने की परम्परा है, लेकिन धारीवाल जी को अपने आप पर और अपनी औलाद पर भी भरोसा नहीं है कि वो उनके जाने के बाद उनकी मूर्ति लगवाएगी। ऐसे में उन्होंने जिंदा रहते ही अपनी मूर्ति लगवा दी। उन्होंने कहा कि कोटा में चंबल रिवर फ्रंट और धारीवाल की मूर्ति को देखकर लोग याद करेंगे कि कैसे धारीवाल ने अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए नॉन बीएसआर के काम करवाए। उन्होंने कहा- धारीवाल ने अपनी मूर्ति लगाने में जनता की गाढ़ी कमाई को खर्च किया।