Jaipur: हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर (Rajasthan News) के बेटे और नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष धनंजय सिंह को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। जयपुर के केएल सैनी स्टेडियम में आरसीए की कार्यकारी समिति की बैठक में इस पर सहमति बनी। इस मीटिंग में वैभव गहलोत के इस्तीफे को स्वीकार करने के साथ ही राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के नए कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर चर्चा की गई थी। अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मुकाबले राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की देखरेख में करने की मांग की गई।
वैभव गहलोत का कोई अच्छा सुझाव होगा तो जरूर लागू करेंगे
धनंजय सिंह खींवसर ने पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि राजस्थान के खिलाड़ियों और खेल का विकास करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। आरसीए में अब तक जो भी हुआ उस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता। क्योंकि मुझे कार्यवाहक अध्यक्ष बने कुछ ही मिनट हुए हैं। इस बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने के बाद ही मैं आप सभी के समक्ष इस पर अपना पक्ष रख सकूंगा। मैं यह जरूर कहना चाहता हूं कि वैभव गहलोत भी 4 साल तक आरसीए के अध्यक्ष रहे हैं। अगर क्रिकेट को लेकर उनका भी कोई अच्छा सुझाव हो तो वह मुझे दे, हम उसे जरूर लागू करेंगे।
कार्यवाहक अध्यक्ष बनने के बाद चुनाव कराने की तैयारी
आरसीए के कार्यवाहक अध्यक्ष बनने के बाद अब (Rajasthan News) जल्द ही चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है। अगले सप्ताह चुनाव का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। इसके बाद 21 दिनों की चुनाव प्रक्रिया होगी। जिसमें वोटर लिस्ट जारी होने के साथ ही नामांकन, नाम वापसी, जैसी प्रक्रिया शामिल रहेगी। इसमें अध्यक्ष पद के साथ ही कुछ और पदों पर भी नए चेहरे चुनावी मैदान में आ सकते हैं।
सहकारिता विभाग कर रहा जांच
उधर, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और चुनाव प्रक्रिया को लेकर रजिस्ट्रार सहकारी समिति की ओर से पूछे गए सवालों पर RCA की ओर से 29 और 4 मार्च को जवाब प्रस्तुत किया जा चुका है, लेकिन जवाब पर सहमति नहीं बनी है। ऐसे में अब 12 मार्च को अंतिम बार जवाब प्रस्तुत करने का समय दिया है। जवाब में खर्चों का ब्योरा देना है, लेकिन आरसीए ने दोनों बार कहा था कि उनके कार्यालय के दस्तावेज तो खेल परिषद ने ताले में बंद कर दिए हैं। ऐसे में जवाब कैसे दिया जाएगा।
सहकारिता विभाग कर रहा जांच
दूसरी तरफ सहकारिता विभाग आरसीए के बकाया और खेल परिषद के साथ हुए एमओयू को लेकर जांच कर रहा है। सहकारिता विभाग ही खेल संघों के चुनाव करवाता है। ऐसे में मौजूदा अध्यक्ष नहीं होने के कारण सहकारिता विभाग कमेटी बनाकर सरकार के पास पूरी पावर लेने की तैयारी कर रहा था। RCA से जुड़े पदाधिकारी और जिला संघों के सचिव सरकार को पावर नहीं देना चाहते हैं, ऐसे में कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया। दरअसल, कार्यवाहक अध्यक्ष बनने से कार्यकारिणी भंग नहीं होगी।
खेल परिषद ने आरसीए के ऑफिस किए थे सील
दरअसल, 22 फरवरी को आरसीए और खेल परिषद (Rajasthan News) के बीच सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम को लेकर हुआ MOU खत्म हो गया था। इसके बाद 23 फरवरी को खेल परिषद में आरसीए से सवाई मानसिंह स्टेडियम का कब्जा ले लिया। आरसीए के दफ्तर को सील कर दिया था। इसके बाद प्रदेश के 33 जिला क्रिकेट संघों ने आरसीए के अध्यक्ष वैभव गहलोत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी थी। इसकी भनक लगते ही वैभव गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वैभव गहलोत के इस्तीफे के बाद जिला संघों ने एक बार फिर कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी, ताकि आरसीए की देखरेख में ही जयपुर में इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबले आयोजित हो सकें, लेकिन जिला संघों में एक नाम को लेकर सर्वसम्मति नहीं बन पाई थी। इसके बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खेल परिषद को जयपुर में इंडियन प्रीमियर लीग के तीन मुकाबले कराने की जिम्मेदारी दी थी।