दीया कुमारी का जन्म और परिवार
राजकुमारी दीया कुमारी का जन्म 30 जनवरी, 1971 को जयपुर, राजस्थान में हुआ। वह एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। इस समय वह राजसमंद लोकसभा सीट से सांसद हैं। वे पूर्व में राजस्थान विधानसभा में सवाई माधोपुर से विधायक थी। जयपुर की राजकुमारी दीया कुमारी, महाराजा सवाई सिंह और महारानी पद्यमिनी देवी की पुत्री हैं। वह ब्रिटिश राज के दौरान जयपुर रियासत के अंतिम शासक मान सिंह द्वितीय की पोती हैं। सवाई भवानी सिंह की पत्नी का नाम पद्यिनी देवी हैं और दीया कुमारी इन्ही की इकलौती संतान हैं। भवानी सिंह के कोई पुत्र नहीं था, इसी कारण उन्होंने बेटी दीया कुमारी के बेटे को ही साल 2011 में अपना वारिस घोषित कर दीया था। वर्तमान में राजकुमारी दीया कुमारी की उम्र 53 वर्ष है।दीया कुमारी की शिक्षा
राजकुमारी दिया कुमारी की प्रारंभिक शिक्षा (Rajasthan Deputy CM Diya Kumari) दिल्ली एवं मुंबई के स्कूलों में हुई। बाद में वह उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन चली गई। राजकुमारी दीया कुमारी ने मॉडर्न स्कूल, नई दिल्ली, जीडी सोमानी मेमोरियल स्कूल, मुंबई और गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जयपुर से पढाई की। इसके बाद वह लन्दन में डेकोरेटिव आर्ट्स का कोर्स करने के लिए चली गई। और पीएचडी भी इन्होने इसी विषय में किया।दीया कुमारी का व्यक्तिगत जीवन
चूँकि दीया कुमारी राजघराने परिवार से है। इसलिए इनका जीवन राजशाही शैली में बीता। इनका प्रारंभिक जीवन अपनी दादी गायत्री देवी की देखरेख में बीता। राजकुमारी दीया कुमारी का विवाह महाराजा नरेंद्र सिंह से हुआ था। उनके बड़े पुत्र का नाम पद्यनाथ सिंह हैं। पद्यनाथ सिंह का जन्म 2 जुलाई, 1998 को हुआ। बाद में उन्हें 22 नवंबर, 2002 को स्वर्गीय महाराजा भवानी सिंह ने युवराज घोषित किया गया। युवराज घोषित करने के बाद उन्हें 27 अप्रैल, 2011 को जयपुर की गद्दी सौप दी गई। दीया कुमारी के छोटे पुत्र का नाम लक्ष राज सिंह हैं। उनकी एक सुपुत्री भी हैं। उनका नाम गौरवी कुमारी हैं।2018 में हुआ तलाक
शादी के 21 वर्ष बाद राजकुमारी दीया कुमारी का अपने पति से आपसी सहमति से तलाक हो गया। क्योकि प्रेम विवाह के कारण उन्हें व उनके पिता को सामाजिक दुरी का सामना बड़े लम्बे समय से करना पड़ रहा था। हालांकि तलाक से पहले भी वो पिछले कुछ वर्षो से पति के साथ नहीं रह रही थी। और अंतत साल 2018 में इनका तलाक हो गया।दीया कुमारी का राजनीतिक करियर
राजकुमारी दीया कुमारी भारतीय जनता पार्टी (Rajasthan Deputy CM Diya Kumari) की सदस्य हैं। उन्होंने साल 2013 में हुए जयपुर की एक रैली में बीजेपी की सदस्यता ली थी, जिसमें उस समय के गुजरात के तात्कालिक मुख्यमंत्री (वर्तमान में प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और राजस्थान की प्रमुख नेत्री वसुंधरा राजे भी उपस्थित थे। इसके बाद उन्हें बीजेपी की ओर से सवाई माधोपुर विधानसभा सीट के लिए टिकट दिया गया, जहाँ से उन्होंने जीत दर्ज की। इस प्रकार उनकी राजनीतिक यात्रा वर्ष 2013 से विधिवत तरीके से शुरू हो गई। वैसे राजनीति से वो शुरू से जुड़ी थी। मगर बीजेपी पार्टी की सदस्यता लेकर उन्होंने विधिवत तरीके से इसकी शुरुआत की।- साल 2013 में विधायक में जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने साल 2019 में बीजेपी के टिकट पर ही राजसमंद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा जहाँ से वो विजय रही। वर्तमान में दीया कुमारी राजस्थान के राजसमंद लोकसभा का प्रतिनिधित्व करती हैं अर्थात राजकुमारी दीया कुमारी राजसमंद की वर्तमान सांसद हैं।
-दीया कुमारी को साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान की राजसमंद सीट से बहुत बड़ी जीत मिली थी। उन्हें कुल वोटों का लगभग 70% वोट मिले, वह 5.5 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीती थीं।
2018 में विधानसभा चुनाव लड़ने से कर दिया था इंकार
आपको बता दें कि किरोड़ीलाल मीणा ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (राजपा) से चुनाव लड़ा था। 2018 विधानसभा चुनाव में पारिवारिक कारणों का हवाला देकर दीया ने चुनाव में लड़ने से इनकार कर दिया था। इस दौरान टिकट कटने का खंडन करते हुए एक इंटरव्यू में दीया कुमारी ने कहा था- विधानसभा चुनाव लड़ने से मैंने ही मना किया था। इसके बाद साल 2019 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने इन्हें राजसमंद लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया। जहां दीया कुमारी करीब 70 प्रतिशत वोट लेकर विजयी हुईं। यह उनकी बड़ी जीत थी। दीया कुमारी को इस चुनाव में 8,63,039 वोट मिले थे।- दीया कुमारी इस साल के विधानसभा चुनाव में जयपुर की विद्याधर नगर सीट से 71,368 वोटों के अंतर से जीतकर आई हैं। दीया नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुई थीं। उनके पास 19 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है।