Jaipur: राजस्थान में साख रखने वाले सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) की पार्टी रालोप इस बार के विधानसभा चुनाव में अपना दमखम दिखाने में काफी असफल साबित हुई। आरएलपी प्रमुख ने राज्य की 200 में से 125 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए थे लेकिन जीत केवल एक उम्मीदवार को ही मिली। वो थे खुद हनुमान बेनीवाल, जो नागौर से सांसदी छोड़कर अब खींवसर से विधायक बनेंगे। इस हार का दुख और निराशा हनुमान बेनीवाल के चेहरे पर साफ दिखा।
हनुमान बेनिवाल का वीडियो हो रहा वायरल
दरअसल, हनुमान बेनीवाल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो अपने समर्थकों से थोड़े झुंझलाहट में नजर आ रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि उनके समर्थक 'हनुमान बेनीवाल जिंदाबाद' के नारे लगा रहे हैं। कुछ पल के लिए जब वो शांत होते हैं, तो बेनीवाल खीज कर कहते हैं, 'अरे बोलो रे.... मर गए क्या?' यह सुनकर लोग फिर और शोर से उनके नारे लगाने लगते हैं. इसके बाद बेनीवाल हाथ जोड़ते हुए वहां से चल जाते हैं।
बीजेपी को रोकने के लिए रालोप-आसपा
जानकारी के अनुसार, 14 सेकंड का यह वीडियो तब का है जब वोट काउंटिंग के बाद हनुमान बेनीवाल मतगणना केंद्र बीआर मिर्धा कॉलेज कैंपस से बाहर आ रहे थे. इस दौरान वह थोड़े उखड़े हुए दिखे। नतीजे आने के बाद रालोप प्रमुख मीडिया से रूबरू भी हुए और कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने आजाद समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया था। सभी प्रत्याशियों का प्रदर्शन काबिल-ए-तारीफ रहा।
हनुमान बेनिवाल को मिले कुल इतने वोट
बेनीवाल का मानना है कि आरएलपी और एएसपी (Hanuman Beniwal) के गठबंधन की वजह से ही राजस्थान में बीजेपी को रोका जा सका और एक मजबूत विपक्ष तैयार किया जा सका। आपको बता दें कि खींवसर सीट से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया हनुमान बेनीवाल को कुल 79,492 वोट मिले। वहीं, दूसरे स्थान पर रहने वाले बीजेपी के रेवंत राम डांगा के खाते में 77,433 मत गए। यानी दोनों उम्मीदवारों के बीच हार-जीत का आंकड़ा 2059 मतों का ही था। जबकि इस अंतर से ज्यादा वोट नोटा को दिए गए, जिसकी संख्या 2130 रही। इतना ही नहीं, हनुमान बेनीवाल इस बार के विधानसभा चुनाव में केवल एक ही सीट जीत सके, जो कि पिछली बार के चुनाव से 2 कम ही हैं। साल 2018 में बेनीवाल की पार्टी ने तीन सीटें जीती थीं। वहीं, इस बार गठबंधन में उनकी साथी आजाद समाज पार्टी खाता भी नहीं खोल सकी।