भीलवाड़ा: राजस्थान में चुनाव संपन्न हो गए हैं। चुनावी नतीजों का एलान तीन दिसंबर (Rajasthan Election 2023) को किया जाएगा। प्रदेश की जनता ने सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की किसम्त EVM में कैद कर दी है। भीलवाड़ा की जनता ने भी 61 प्रत्याशियों का भाग्य EVM मशीनों में कैद कर दिया है। इस बार भीलवाड़ा संसदीय क्षेत्र में तीन दिग्गज नेताओं और मंत्रियों की राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर है। इसमें दो कांग्रेस के कद्दावर और एक बीजेपी से निष्कासित वरिष्ठ नेता हैं।
गहलोत के करीबी माने जाते हैं राम लाल जाट
यहां दो दिग्गज नेताओं के सामने सीधा मुकाबला, तो तीसरे के सामने त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। भीलवाड़ा जिले की सबसे हॉट मांडल विधानसभा सीट पर इस बार राजस्व मंत्री राम लाल जाट का बीजेपी प्रत्याशी से सीधा मुकाबला है। राम लाल जाट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं। वहीं बीजेपी ने यहां से पूर्व मंत्री कालू लाल गुर्जर के स्थान पर पूर्व बागी प्रत्याशी उदय लाल भड़ाना को मैदान में उतारा है। जिसके चलते इस सीट पर मुकाबला बड़ा रोचक बन गया है। मांडल विधानसभा के वोटिंग परसेंटेज ने सभी चौंका दिया है।
शाहपुरा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व
यहां 81.51 फीसदी वोटिंग हुई है, जबकि साल 2018 (Rajasthan Election 2023) के चुनाव में यहां 77.61 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। वहीं भीलवाड़ा जिले की दूसरी सीट शाहपुरा की बात की जाए तो ये अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व है। इस सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष है। इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में वरिष्ठ नेता कैलाश मेघवाल हैं. वो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री पर रह चुके हैं। कैलाश मेघवाल ने साल 2018 के चुनाव में शाहपुरा विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी को 74,542 वोटों के अंतर से हराया था।
जहाजपुर सीट पर भी मुकाबला रोचक
साल 2018 में शाहपुरा विधानसभा सीट पर 72.27 फीसदी वोटिंग (Rajasthan Election 2023) हुई थी। वहीं इस बार 72.44 फीसदी वोटिंग हुई है। बात अगर भीलवाड़ा जिले की तीसरी सीट जहाजपुर की करें तो यहां कांग्रेस और बीजेपी ने पूर्व प्रत्याशियों पर फिर से दाव खेला है और मुकाबला रोचक बना दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और खाद बीज निगम राज्य मंत्री धीरज गुर्जर को साल 2018 के चुनाव में यहां हार मिली थी। धीरज गुर्जर कांग्रेस पार्टी के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के करीबी माने जाते हैं। भीलवाड़ा की जहाजपुर विधानसभा सामान्य सीट है। यहां इस बार 80.42 फीसदी वोटिंग हुई है. इस चुनाव में बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर तो कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की गारंटी और मौजूदा कांग्रेस सरकार की योजनाओं को आधार बनाकर मैदान में उतरी।