Jaipur: सीएम भजनलाल शर्मा की कैबिनेट की पहली (Rajasthan Cabinet Meeting) बैठक शुरू हो गई। यह मीटिंग चीफ मिनिस्टर ऑफिस (CMO) में हो रही है। यह सरकार गठन के बाद पहली मीटिंग है। बैठक में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को सरकारी अवकाश घोषित करने को लेकर भी डिसीजन हो सकता है। वहीं, पिछली सरकार के अंतिम 6 महीनों में लिए गए निर्णयों के रिव्यू के लिए कमेटी का गठन करने की भी चर्चा है। मीटिंग में कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही कल होने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को आज कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी। वहीं, सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर विभागों द्वारा तैयार 100 दिन की कार्य योजना को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है।
बैठक में हो सकते हैं कई महत्वपूर्ण फैसले
- कैबिनेट की बैठक में एक बार फिर से मीसा बंदियों की पेंशन शुरू करने को मंजूरी मिल सकती है। अमूमन कांग्रेस सरकार आने पर मीसा बंदियों की पेंशन बंद कर जाती है। वहीं, बीजेपी सरकार आने पर इनकी पेंशन फिर से बहाल कर दी जाती है।
- सत्ता में आने से पहले बीजेपी ने अपना जन घोषणा पत्र जारी किया था। इस संकल्प पत्र को नीतिगत दस्तावेज (सरकारी दस्तावेज) बनाने का निर्णय भी कैबिनेट बैठक में लिया जा सकता है। जिससे इसमें की गई घोषणाओं को समय पर लागू किया जा सके।
- गहलोत सरकार ने भी अपने घोषणा पत्र को कैबिनेट की पहली बैठक में रखवा कर उसे सरकारी दस्तावेज घोषित करवाया था। इसी तरह भजनलाल शर्मा की कैबिनेट भी संकल्प पत्र को नीतिगत दस्तावेज घोषित कर सकती है।
- गहलोत सरकार के अंतिम 6 महीनों में लिए गए नीतिगत फैसलों के रिव्यू के लिए भी कैबिनेट की बैठक में कमेटी गठन करने का फैसला लिया जा सकता है।
- कैबिनेट की पहली बैठक में कई निवेश प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती है। वाइब्रेंट गुजरात समिट में प्रदेश के उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शिरकत की थी। दोनों की कई निवेशकों से प्रदेश में ऊर्जा व अलग-अलग सेक्टर में निवेश को लेकर चर्चा हुई है।
कैबिनेट की पहली बैठक में हो रही देरी पर उठ रहे थे सवाल
सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने दोनों उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और (Rajasthan Cabinet Meeting) प्रेमचंद बैरवा के साथ 15 दिसंबर को शपथ ली थी। उसी दिन से उनकी कैबिनेट का गठन माना जाएगा। वहीं, 29 दिसंबर को सीएम भजनलाल के मंत्रिमंडल का पहला विस्तार हुआ, जिसमें 22 मंत्रियों ने शपथ ली। इसमें 12 कैबिनेट मंत्री और 10 राज्यमंत्री (5 स्वतंत्र प्रभार) शामिल किए गए। लेकिन कैबिनेट की पहली बैठक में देरी होने पर लगातार सवाल उठ रहे थे। जानकारी है कि कई मंत्रियों ने भी इस बारे में सीएम भजनलाल शर्मा से बात की थी। जिसके बाद कैबिनेट की पहली बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है।