भीलवाड़ा: विश्व की सबसे बड़ी रोटी बनाने का कीर्तिमान भीलवाड़ा (Rajasthan News) ने रच दिया है। वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में 185 किलो की इस रोटी को विश्व को सबसे बड़ी रोटी के रूप में शामिल किया गया है। भीलवाड़ा में तैयार इस रोटी का वजन 185 किलो ओर 11.25 x11.25 फीट की साइज की थी। इससे पहले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में करीब 145 किलोग्राम की रोटी बनाने रिकॉर्ड जामनगर (गुजरात) के नाम था। इस रोटी को सबसे बड़ी रोटी के रूप में दर्ज कराने के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड सहित लिम्का बुक और गिनीज़ बुक के लिए आवेदन किया गया था।
कैसे तैयार हुई रोटी
इस रोटी को गत आठ अक्टूबर को तीन राज्यों (राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र) के हलवाइयों ने तैयार किया। इसके लिए दो दिनों से तैयारियां चली थीं। भीलवाड़ा शहर के हरिसेवा धाम में महामंडलेश्वर संत हंसराम के सानिध्य में करीब पांच घंटे में इसे बनाया गया था। सुबह 10:30 बजे से आश्रम के पीछे बने मैदान में 22 लोगों ने मिलकर आटा गूंथना शुरू कर दिया था। दोपहर साढ़े 3 बजे तक ये रोटी सिककर तैयार हुई। इस रोटी को पकाने के लिए करीब 20 लीटर घी काम में लिया गया था।
2 घंटे गूंथने और बेलने में लगे थे
सुबह सबसे पहले हलवाइयों ने इसे गूंथना (Rajasthan News) शुरू किया था। आटे के साथ इसमें मैदा और घी भी मिलाया गया था। पहले आटे को छोटे-छोटे हिस्सों में गूंथा गया था। इसके बाद गूंथे आटे को सीधे तवे पर ही बेला गया था। इसके बाद संतों के सानिध्य में वैदिक मंत्राेच्चार के साथ चूल्हे पर रोटी को सेकने का प्रोसेस शुरू किया था।
ईंटों के बेस के साथ तैयार किया था चूल्हा
रोटी को बनाने के लिए एक हजार ईंटों की बेस से एक 12x16 साइज का चूल्हा तैयार किया गया था। चूल्हे में सबसे नीचे की जगह को खाली रखा गया था। इसमें लोहे की जाली लगाई गई थी। लोहे की जाली पर घास और कोयला डाला गया था। इस पर लोहे के तवे को सेट किया गया था।
रोटी को जब तवे पर रखा गया था तो लोग इसके साथ सेल्फी लेने लगे थे।
इससे पहले गुजरात में बना था रिकॉर्ड
इससे पहले जामनगर (गुजरात) का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में करीब 145 किलोग्राम की रोटी बनाने का रिकॉर्ड है। अब इससे बड़ी रोटी भीलवाड़ा में बनाई गई। राजस्थानी जनमंच अध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि रविवार सुबह से इस रोटी को बनते देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई थी। ये तैयार होने के बाद अब इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए चैलेंज किया।
बनी हुई रोटी का क्या
बनी हुई रोटी ओर पचकुटा की सब्जी को प्रसाद (Rajasthan News) के रूप में आने वाले श्रद्धालुओं व दर्शकों में वितरित किया गया। रिकॉर्ड होल्डर और राजस्थानी जनमंच अध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि जन्मदिन पर जो केक काटने की पश्चात सभ्यता है, उसके स्थान पर हमारी भारतीय, सनातन संस्कृति मिठाई अथवा लड्डू का वितरण जन्म दिवस पर किया जाए। इसी सोच के साथ विशाल रोटी पचकुटा की सब्जी के साथ बनाकर उसका वितरण करना और समाज को सनातन संस्कृति से जोड़ना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस (इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड) सर्टिफिकेट मिला है। भीलवाड़ा के लिए यह गौरव का पल है।