हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में जीत के बाद आत्मविश्वास से लबरेज कांग्रेस पार्टी को छत्तीसगढ़ राजस्थान और मध्य प्रदेश से बड़ा झटका लगा है। इन राज्यों में मिली हार के कारण कहीं ना कहीं कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हुआ नजर आ रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी चुनाव के नतीजों के बाद लगातार बैठकों के माध्यम से आत्म चिंतन में जुटी हुई है।
तीन बड़े राज्यों में मिली करारी हार के बाद अब सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस पार्टी लोकसभा में नरेंद्र मोदी की अगवाई वाली भारतीय जनता पार्टी को टक्कर दे पाएगी? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि 2023 के चुनावों को सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा था हालांकि कांग्रेस पार्टी के मीडिया एवं कम्युनिकेशन प्रभारी ने प्लेटफार्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि 2003 में इन तीन राज्यों में करारी हार के बाद 2004 में अटल बिहारी वाजपेई की अगवाई वाली NDA को हराते हुए UPA ने सरकार बनाई थी। जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में दावा किया कि 2024 का चुनाव 20 साल पुराने इतिहास को दोहराने जा रहा है।
आपको बताते चलें कि साल 2003 में 4 राज्यों में हुए चुनाव में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को करारी हार मिली थी, कांग्रेस पार्टी सिर्फ दिल्ली जीतने में सफल रही, इसी तरह कुछ 2023 के चुनाव में देखने को मिला जहां कांग्रेस पार्टी को राजस्थान छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में करारी हार मिली लेकिन तेलंगाना जीतने में सफल रहे।
सिर्फ 2003 मे नहीं 2018 में भारतीय जनता पार्टी (Election 2023 Result) को इन सभी राज्यों में करारी हार प्राप्त होने के बावजूद 2019 के लोकसभा चुनाव में तीनों राज्यों में कुल 65 सीटों में से 61 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी, इससे ये साफ है कि विधानसभा के चुनावी नतीजे लोकसभा के नतीजों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकते हैं।
कांग्रेस पार्टी को भले ही एक राज्य में जीत हासिल हुई हो लेकिन चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को बीजेपी से 10 लाख से अधिक मत प्राप्त हुए हैं। अगर सिर्फ हिंदी पट्टी के तीन बड़े राज्यों की बात करें तो मध्य प्रदेश को छोड़कर राजस्थान और छत्तीसगढ़ में वोटों का अंतर भी ज्यादा नहीं है, इसके अलावा कांग्रेस पार्टी को तीनों ही राज्यों में 40% के करीब प्राप्त हुए हैं, जो सीधे तौर पर कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव में चुनौती दे सकती है।
लोकसभा चुनाव मे कांग्रेस पार्टी चुनौती इस लिए हो सकती है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी को इन तीनों राज्यों से मात्र 4 और सीट प्राप्त हो सकती है लेकिन कांग्रेस पार्टी अगर नुकसान पहुँचाती है तो सीधे तौर भारतीय जनता पार्टी की सीटें घटेंगी।
माना जाता है कि कांग्रेस पार्टी इस बार लोकसभा चुनावों (Election 2023 Result) मे राज्य में विधानसभा चुनाव हारे दिग्गज नेताओं को लोकसभा के चुनाव मे उतार सकती है, जिससे चुनाव मे बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस पार्टी एक बार फिर से 2003 के इतिहास को दोहरा पाती है या नहीं